नई दिल्ली। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने रविवार को चेतावनी दी कि अगर 30 मार्च दोपहर 12 बजे तक अमेरिका और इजरायल ईरान के शिक्षण संस्थानों पर हुई बमबारी की निंदा नहीं करते हैं, तो वे पश्चिम एशिया में अमेरिकी और इजरायली विश्वविद्यालयों पर जवाबी हमले करेंगे।
ईरानी अधिकारियों ने मार्च महीने में विश्वविद्यालय और कई शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों पर अमेरिकी-इजरायली हमलों की जानकारी दी है, जिसमें 28 मार्च को तेहरान में साइंस एंड टेक्नोलॉजी विश्वविद्यालय पर हुआ हमला भी शामिल है। ईरानी मीडिया ने बताया कि वैज्ञानिक और अनुसंधान के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है और कम से कम पांच लोग मारे गए हैं।
आईआरजीसी ने एक बयान में ईरानी विश्वविद्यालय पर हुई बमबारी की निंदा करते हुए पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी और इजरायली विश्वविद्यालय को ‘वैध लक्ष्य’ बताया। आईआरजीसी ने कहा कि अमेरिकी और इजरायली सेनाओं ने तेहरान साइंस एंड टेक्नोलॉजी विश्वविद्यालय पर बमबारी करके एक बार फिर ईरानी विश्वविद्यालय को निशाना बनाया है।
बयान में कहा गया है कि अमेरिका को यह पता होना चाहिए कि अब से पश्चिम एशिया में मौजूद सभी अमेरिकी और इजरायली विश्वविद्यालय हमारे लिए वैध लक्ष्य होंगे, ईरानी विश्वविद्यालय के बदले में दो विश्वविद्यालयों पर हमला किया जाएगा।
आईआरजीसी ने इस क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी विश्वविद्यालय के कर्मचारियों, प्रोफेसरों और छात्रों, साथ ही आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को भी सलाह दी कि वे अपनी जान बचाने के लिए बताए गए विश्वविद्यालय से कम से कम एक किलोमीटर दूर रहें।
इसमें कहा गया है कि अगर अमेरिकी प्रशासन चाहता है कि इस क्षेत्र में उसके विश्वविद्यालय उन दो विश्वविद्यालयों में शामिल न हों जिन्हें जवाबी हमले के लिए निशाना बनाया जाएगा, तो उसे सोमवार, 30 मार्च को दोपहर 12 बजे (तेहरान समय) तक ईरानी विश्वविद्यालय पर हुई बमबारी की निंदा करते हुए एक आधिकारिक बयान जारी करना होगा।
आईआरजीसी ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका चाहता है कि उसके बाद इस क्षेत्र में उसके विश्वविद्यालय पर हमला न हो, तो उसे अपनी सेनाओं को विश्वविद्यालय और अनुसंधान केंद्रों पर हमला करने से रोकना होगा, अन्यथा यह चेतावनी लागू रहेगी और इसे अंजाम दिया जाएगा।
