आदिवासियों की स्थिति और समस्याओं का गहन अध्ययन करने झामुमो विधायक असम पहुंचे

रांची : असम में आदिवासियों की स्थिति और उनकी समस्याओं का अध्ययन करने के लिए झारखंड से विधायकों का उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल असम पहुंच चुका है। गुमला विधायक भूषण तिर्की सहित चार विधायकों की यह टीम असम के सुदूर इलाकों और चाय बागानों का दौरा कर रही है। वहां रह रहे झारखंडी मूल के लोगों से मुलाकात कर वे उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति का जायजा ले रहे हैं। असम की धरती पर कदम रखते ही गुमला विधायक भूषण तिर्की ने मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने अपनी टीम के साथ असम के विभिन्न आदिवासी बहुल क्षेत्रों का दौरा शुरू कर दिया है। विधायक भूषण तिर्की जब चाय बागानों में काम करने वाले मजदूरों के बीच पहुंचे तो वहां का माहौल भावुक हो गया। वर्षों से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे वहां के लोगों ने जब अपने बीच झारखंड के नेताओं को पाया तो उन्होंने खुलकर अपनी पीड़ा साझा की। विधायक दल ने वहां के लोगों से उनकी भाषा में बात की और विश्वास दिलाया कि झारखंड सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा की हम यहां पिकनिक मनाने नहीं बल्कि अपने भाई-बहनों का दर्द बांटने और उनकी हकीकत जानने आए हैं। हमारे लोग यहां दशकों से मेहनत कर असम को संवार रहे हैं । लेकिन आज भी वे बुनियादी सुविधाओं और अपने आदिवासी होने के हक से वंचित हैं।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर यह टीम 10 दिनों के दौरे पर असम गई है। टीम का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि अंग्रेजों के जमाने में झारखंड से असम गए आदिवासी आज किस हाल में जी रहे हैं। उन्हें वहां अनुसूचित जनजाति का दर्जा क्यों नहीं मिल पा रहा है और उनकी सांस्कृतिक विरासत कितनी सुरक्षित है। इस अध्ययन दल में झारखंड मुक्ति माेर्चा (झामुमो)गुमला विधायक भूषण तिर्की के अलावा सांसद विजय हांसदा, मंत्री चमरा लिंडा, विधायक मो. ताजुद्दीन राजा भी शामिल हैं। वे वहां के स्थानीय आदिवासी संगठनों और समाज के प्रमुख लोगों के साथ बैठकें कर रहे हैं। यह टीम अपनी यात्रा पूरी करने के बाद एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर झारखंड सरकार और पार्टी अध्यक्ष हेमंत सोरेन को सौंपेगी जिसके आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। फिलहाल, असम के अलग-अलग जिलों में गुमला विधायक का यह दौरा चर्चा का विषय बना हुआ है और वहां रह रहे झारखंडी समुदाय में एक नई उम्मीद जगी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *