केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में एआईटीयूसी और बीएसएसआर सहित कई संगठनों ने किया प्रदर्शन

पूर्वी सिंहभूम। अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एआईटीयूसी) के नेतृत्व में साकची स्थित आलमबाग मैदान से एक विशाल जुलूस निकाला गया, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए जुबली पार्क स्थित उपायुक्त कार्यालय गेट तक पहुंचा। जुलूस और धरना कार्यक्रम में बिहार झारखंड सेल्स प्रतिनिधि यूनियन, भारतीय चिकित्सा एवं विक्रय प्रतिनिधि महासंघ, अखिल भारतीय लोकतांत्रिक छात्र संगठन तथा संयुक्त किसान मोर्चा समर्थित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बिहार झारखंड सेल्स प्रतिनिधि यूनियन के आह्वान पर जिले के लगभग 800 चिकित्सा एवं विक्रय प्रतिनिधियों ने एक दिवसीय हड़ताल रखी और धरना में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने चारों श्रम संहिताओं को अविलंब रद्द करने, कॉरपोरेट समर्थक नीतियों को वापस लेने तथा मजदूर-किसान एकता के समर्थन में जोरदार नारे लगाए। एआईटीयूसी के सचिव राजकुमार ने कहा कि 29 पुराने श्रम कानूनों को समाप्त कर चार नई श्रम संहिताएं लागू करना श्रमिक हितों के खिलाफ है और इससे मजदूरों की नौकरी की सुरक्षा कमजोर होगी। धरना सभा को यूनियन के जिला अध्यक्ष यशवंत देश मौली, राज्य सचिव पीयूष गुप्ता तथा जिला सचिव विनय कुमार ने संबोधित किया। वक्ताओं ने वर्ष 1976 के सेल्स प्रमोशन कर्मचारी (सेवा शर्त) अधिनियम को समाप्त किए जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की और इसे पुनः बहाल करने की मांग की। उन्होंने न्यूनतम मजदूरी की स्पष्ट परिभाषा तय करने, आठ घंटे कार्यदिवस सुनिश्चित करने तथा निश्चित अवधि रोजगार व्यवस्था पर पुनर्विचार की भी मांग उठाई। कार्यक्रम के अंत में उपायुक्त के माध्यम से केंद्र सरकार को ज्ञापन सौंपा गया और श्रम संहिताओं की प्रतियां प्रतीकात्मक रूप से जलाकर विरोध दर्ज कराया गया। पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में 12 फरवरी 2026 को आयोजित राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल का असर जमशेदपुर में व्यापक रूप से देखने को मिला।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *