रांची। मां सरस्वती को प्रसाद के रूप में ऋतुफल के रूप में गाजर, मटर छेनी, केला, सेव, बेर, बुंदिया और अंगूर का भोग लगाया गया। इसके बाद सभी लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। साथ ही आसपास के लोगों में प्रसाद का वितरण किया। मां सरस्वती की पूजा राजधानी के हरमू, रातू रोड, अरगोडा, धुर्वा, चुटिया, मोरहाबादी, डोरंडा और नामकुम सहित विभिन्न इलाकों में की गई। इधर, नामकुम में सरस्वती पूजा समिति न्यू स्टूडेंट क्लब के सदस्यों ने मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित कर विधिपूवर्क की। इस मौके पर क्लब के अध्यक्ष प्रियांशु, उपाध्यक्ष आयुष साह, अभिषेक साह, राहुल यादव सहित अन्य सदस्य मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि सनातन परंपरा में वसंत पंचमी को हर वर्ष माघ माह के शुक्ल पक्ष के पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन को ऋतु परिवर्तन के रूप में भी लोग जानते हैं और ऋतुओं के राजकुमार कहे जानेवाले वसंत ऋतु का आगमन भी होता है जो नवजीवन, उर्जा और खुशहाली का प्रतीक है। राजधानी रांची में वसंत पंचमी पर शुक्रवार को मां सरस्वती की पूजा-अर्चना धूमधाम से की गई। रांची के विभिन्न स्कूल-कॉलेजों, गली और मुहल्लों में मां शारदा की प्रतिमा स्थापित कर छात्र-छात्राओं ने भक्तिभाव से मां की आराधना की। इसे लेकर स्कूली छात्र-छात्रा सुबह से ही नहा-धोकर स्कूलों में और गली मुहल्लों में स्थापित मां की प्रतिमा की विधिपूवर्क पूजा-अर्चना की और आरती में शामिल हुए।
