मैसूर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मैसूर स्थित श्री रामकृष्ण आश्रम परिसर में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र ‘विवेक स्मारक’ का उद्घाटन करते हुए युवाओं से ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह स्मारक ऐसे युवाओं के निर्माण का केंद्र बनेगा, जिनके लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि हो और गरीब, वंचित तथा समाज की सेवा जीवन का लक्ष्य बने।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की आर्थिक, तकनीकी और वैश्विक उपलब्धियों के पीछे देश के युवाओं की शक्ति है और यही युवा विकसित भारत के निर्माण का आधार बनेंगे। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत मैसूर की आराध्य देवी चामुंडेश्वरी को नमन करते हुए की और कहा कि उनके जीवन की यात्रा में रामकृष्ण मिशन का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी प्रासंगिक
मोदी ने कहा कि मैसूर भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है और श्री रामकृष्ण आश्रम इस विरासत का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने उस ऐतिहासिक भवन का भी उल्लेख किया, जहां स्वामी विवेकानंद अपने प्रवास के दौरान ठहरे थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई भी व्यक्ति एक दिन में महान नहीं बनता, बल्कि तप, साधना, संघर्ष और आत्मसमर्पण से महानता प्राप्त होती है।
उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का संदेश ‘शिव ज्ञाने, जीव सेवा’ आज भी उतना ही प्रासंगिक है। विवेक स्मारक के माध्यम से ऐसे युवाओं का निर्माण होना चाहिए, जिनके लिए समाज और राष्ट्र का हित सर्वोपरि हो और ‘राष्ट्र प्रथम’ उनका मूल मंत्र बने।
युवाओं की शक्ति से आगे बढ़ रहा है भारत
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम और दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता है। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर, डिजिटल अर्थव्यवस्था, अंतरिक्ष अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में भारत की तेजी से बढ़ती क्षमता के पीछे देश के युवाओं की ऊर्जा है।
उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में 650 से अधिक नए विश्वविद्यालय, लगभग 14 हजार नए कॉलेज, नौ नए आईआईएम, सात नए आईआईटी और 13 नए एम्स स्थापित किए गए हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति, पीएम श्री स्कूल और अटल टिंकरिंग लैब जैसी पहलें युवाओं को 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार कर रही हैं।
खेल, स्वच्छता और स्थानीय उत्पादों पर भी दिया जोर
मोदी ने कहा कि खेल राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम है और खेलो इंडिया जैसे अभियानों ने गांवों और छोटे शहरों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया है। उन्होंने मैसूर के लोगों को देश के सबसे स्वच्छ शहरों में स्थान बनाए रखने के लिए बधाई देते हुए स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण का संकल्प दोहराने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने कन्नड़ भाषा और साहित्य को नई पीढ़ी से जोड़ने तथा ‘वोकल फॉर लोकल’ के तहत मैसूर के रेशम, चंदन और हस्तशिल्प जैसे भारतीय उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विवेक स्मारक राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित नई पीढ़ी तैयार करने का सशक्त केंद्र बनेगा और विकसित भारत के संकल्प को नई ऊर्जा देगा।


