रांची: सांसद लवली आनंद शनिवार को रांची पहुंचीं। वे रांची में आयोजित होने वाले “क्षत्रिय एकता गौरव समागम” में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होने आई हैं। उनके साथ समागम के एक अन्य सम्मानित अतिथि अनुमान मोहन भी पहुंचे। दोनों का आगमन बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर हुआ, जहां “क्षत्रिय महासभा” और “फ्रेंड्स ऑफ आनंद” के कार्यकर्ताओं ने गगनभेदी नारों और फूल-मालाओं के साथ भव्य स्वागत किया।
रांची पहुंचने के बाद सांसद लवली आनंद ने महान स्वतंत्रता सेनानी विश्वनाथ शहदेव की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि कभी झारखंड की राजनीति में हर पार्टी में राजपूत समाज का मजबूत प्रतिनिधित्व था, लेकिन आज यह समाज हाशिये पर चला गया है। उन्होंने कहा कि पहले भाजपा से चतरा और धनबाद से दो-दो सांसद हुआ करते थे, लेकिन अब राजपूत समाज को एक भी टिकट देना उचित नहीं समझा गया। उन्होंने इसे समाज के लिए चिंताजनक स्थिति बताया।
उन्होंने कहा कि “हम यहां नफरत फैलाने नहीं आए हैं, बल्कि अपनी एकता और अधिकारों की बात करने के लिए एकत्र हो रहे हैं। कल होने वाले ‘क्षत्रिय एकता गौरव समागम’ में समाज के हितों और सम्मान से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।”
इस दौरान यूजीसी से जुड़े विवाद पर पूछे गए सवाल के जवाब में अंशुमन मोहन ने कहा कि वे बिल की वापसी नहीं, बल्कि उसमें संशोधन चाहते हैं ताकि उसके दुरुपयोग की संभावना खत्म हो सके। उन्होंने कहा कि 2012 के नियमों की तरह झूठे मुकदमे दर्ज कराने वालों के खिलाफ दंड का प्रावधान भी फिर से लागू किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने अपील की कि जब तक मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है, तब तक किसी पक्ष को सड़कों पर उतरकर माहौल खराब नहीं करना चाहिए और न्यायालय के फैसले का इंतजार करना चाहिए।
दोनों नेताओं ने विश्वास जताया कि रविवार को आयोजित होने वाला “क्षत्रिय एकता गौरव समागम” कई मायनों में ऐतिहासिक साबित होगा और झारखंड में क्षत्रिय समाज की खोई हुई प्रतिष्ठा को पुनर्स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बनेगा।स्वागत करने वालों में फ्रेंड्स ऑफ आनंद के वरिष्ठ नेता गोपाल सिंह, विभय सिंह ‘शाहदेव’, रमेश सिंह, पप्पू सिंह, गुड्डू सिंह, प्रशांत सिंह, गौरव सिंह, कुणाल शाहदेव, मिहिर शाहदेव, चिंतामणि शाहदेव और विनोद सिंह सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे। वहीं नीतू सिंह, सविता सिंह और शोभा देवी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी अतिथियों का स्वागत किया।
