पलामू परिवार की पांच मौतों का रहस्य! जहरीले सरसों के तेल से एपिडेमिक ड्रॉप्सी की आशंका

रांची। पलामू जिले के पड़वा प्रखंड के सिक्का गांव में एक ही परिवार के पांच लोगों की रहस्यमयी मौत के मामले में बड़ा खुलासा सामने आया है। रिम्स के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने आशंका जताई है कि परिवार के सदस्यों की मौत एपिडेमिक ड्रॉप्सी नामक गंभीर बीमारी से हुई हो सकती है, जिसकी वजह सरसों के तेल में आर्गेमोन (सत्यानाशी) के बीजों की मिलावट हो सकती है। हालांकि अंतिम पुष्टि फोरेंसिक और फूड टेस्टिंग लैब की रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।

विशेषज्ञों ने जताई जहरीले तेल की आशंका

रिम्स के इमरजेंसी एवं ट्रॉमा सेंटर के प्रमुख डॉ. प्रदीप भट्टाचार्या ने बताया कि इलाजरत महिला में एपिडेमिक ड्रॉप्सी के सभी प्रमुख लक्षण पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि आर्गेमोन मेक्सिकाना के बीज सरसों के बीज जैसे दिखते हैं और यदि ये सरसों के साथ पिस जाएं तो तेल में सैंगुनारिन नामक विषैला तत्व बन जाता है। यह धीरे-धीरे शरीर में फैलकर रक्त वाहिकाओं, किडनी और हृदय को गंभीर नुकसान पहुंचाता है, जिससे मौत तक हो सकती है।

परिवार ने अपने खेत का तेल किया था इस्तेमाल

मृतकों की परिजन अनीता देवी ने बताया कि परिवार ने अपने खेत में उगाई गई सरसों से निकाले गए तेल का करीब एक महीने से उपयोग किया था। डॉक्टरों का मानना है कि यही तेल हादसे की वजह हो सकता है।

12 दिनों में पांच लोगों की गई जान

सिक्का गांव निवासी कुलदीप महतो के परिवार में 19 जून से 29 जून के बीच पांच लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में कुलदीप महतो, उनकी दो बेटियां बबीता और इंदु, बहू श्वेता तथा बेटा नकुल महतो शामिल हैं। कुलदीप की पत्नी लाखो देवी रिम्स के आईसीयू में भर्ती हैं, जहां उनका इलाज जारी है।

कोई एंटीडोट नहीं, लक्षणों के आधार पर इलाज

डॉ. भट्टाचार्या ने बताया कि एपिडेमिक ड्रॉप्सी का कोई विशेष एंटीडोट नहीं है। मरीज का उपचार दूषित तेल का सेवन बंद कर लक्षणों के अनुसार किया जाता है। रिम्स में लाखो देवी के इलाज के लिए तीन विशेषज्ञ डॉक्टरों की समिति गठित की गई है।

जांच रिपोर्ट का इंतजार

स्वास्थ्य विभाग ने पीड़ित परिवार के घर से सरसों का तेल और अन्य खाद्य सामग्री के नमूने फोरेंसिक एवं फूड टेस्टिंग लैब भेजे हैं। मृतकों के बिसरा की भी जांच की जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।

बचाव के लिए विशेषज्ञों की सलाह

विशेषज्ञों ने लोगों से खुला या बिना प्रमाणित सरसों का तेल खरीदने से बचने, केवल पैक्ड एवं प्रमाणित तेल का उपयोग करने और तेल पेराई के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

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