रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि अंगदान मानवता की सर्वोच्च मिसाल है और यह समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश देता है। विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि अंगदान का निर्णय साहस, संवेदनशीलता और मानवता का अद्भुत उदाहरण है, जो जरूरतमंद लोगों के जीवन में नई आशा जगाता है।
मुख्यमंत्री ने केरल की नन्ही बिटिया आलिन शेरिन अब्राहम के परिजनों की सराहना करते हुए उनके जज्बे को नमन किया। उन्होंने कहा कि बच्ची के असमय निधन के बाद परिवार ने जिस हिम्मत और संवेदनशीलता के साथ अंगदान का फैसला लिया, वह अत्यंत सराहनीय और प्रेरणादायक है।
हेमंत सोरेन ने कहा कि यह निर्णय न केवल कई जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन देने वाला कदम है, बल्कि समाज को मानवीय मूल्यों और करुणा की सीख भी देता है। उन्होंने कहा कि देश में हजारों मरीज अंग प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा कर रहे हैं और ऐसे फैसले उनके लिए उम्मीद की किरण बनते हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने इस मानवीय पहल का सम्मान करते हुए बच्ची को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। संबंधित विश्वविद्यालय की ओर से भी परिवार के इस निर्णय को अनुकरणीय बताते हुए सम्मान व्यक्त किया गया।
मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि “अंगदान महादान है” और इससे किसी के जीवन में नई रोशनी लाई जा सकती है। उन्होंने राज्यवासियों से अपील की कि वे अंगदान के प्रति जागरूक हों और इस अभियान को आगे बढ़ाने में सहयोग करें, ताकि अधिक से अधिक लोगों को समय पर जीवनदान मिल सके।
उन्होंने कहा कि यह घटना समाज में करुणा, संवेदना और मानवता की भावना को मजबूत करने वाली है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।
