टीएमसी में संगठनात्मक विवाद: ममता गुट ने चुनाव आयोग के समक्ष रखा पक्ष

नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में संगठनात्मक विवाद के बीच ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले धड़े ने सोमवार को चुनाव आयोग से मुलाकात कर बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी के दावों का जवाब सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने आयोग से कहा कि पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति का कार्यकाल तीन नहीं, बल्कि पांच वर्ष का है और वर्तमान कार्यकाल 2027 तक वैध है।

कार्यकाल को लेकर दोनों गुट आमने-सामने

ममता बनर्जी गुट की ओर से सांसद कल्याण बनर्जी, महुआ मोइत्रा और सागरिका घोष चुनाव आयोग पहुंचे। प्रतिनिधिमंडल ने ऋतब्रत बनर्जी द्वारा दिए गए अभ्यावेदन पर विस्तृत जवाब प्रस्तुत किया।

कल्याण बनर्जी ने बताया कि ऋतब्रत बनर्जी का दावा है कि पार्टी की कार्यकारी समिति और राष्ट्रीय कार्यकारिणी का कार्यकाल तीन वर्ष का होता है। उनके अनुसार वर्ष 2022 में गठित समिति का कार्यकाल 2025 में समाप्त हो चुका है।

टीएमसी का दावा- 2027 तक वैध है कार्यकाल

कल्याण बनर्जी ने कहा कि पार्टी के संविधान में संशोधन कर राष्ट्रीय कार्यकारी समिति का कार्यकाल पांच वर्ष कर दिया गया था। इसकी सूचना चुनाव आयोग को भी दी गई थी। उन्होंने कहा कि आयोग के निर्देशों के अनुसार संगठनात्मक चुनाव पांच वर्ष की अवधि के भीतर कराए जाने हैं।

उन्होंने कहा कि चूंकि अंतिम संगठनात्मक चुनाव 2022 में हुए थे, इसलिए वर्तमान राष्ट्रीय कार्यकारी समिति का कार्यकाल 2027 तक वैध रहेगा।

फिलहाल ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले दोनों गुट खुद को असली तृणमूल कांग्रेस बताने का दावा कर रहे हैं। चुनाव आयोग के समक्ष दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क रख रहे हैं।

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