नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार सुबह अपने एक्स हैंडल पर साझा किए गए सुभाषित के जरिए लोगों से उत्तम आचरण, श्रेष्ठ गुणों और लोकहित की भावना के साथ जीवन जीने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री की ओर से साझा किया गया सुभाषित प्रसिद्ध वैदिक शांति मंत्र है—”भद्रं कर्णेभिः शृणुयाम देवा भद्रं पश्येमाक्षभिर्यजत्राः। स्थिरैरङ्गैस्तुष्टुवांसस्तनूभिर्व्यशेम देवहितं यदायुः॥” यह मंत्र ऋग्वेद के मंडल 1, सूक्त 89 और मंत्र 8 से लिया गया है। इसका उल्लेख उपनिषदों में भी मिलता है।
सत्य और शुभ विचार अपनाने का संदेश
प्रधानमंत्री के एक्स हैंडल पर इस मंत्र का हिंदी अर्थ भी साझा किया गया। इसमें कहा गया है कि मनुष्य को सत्य, शुभ और ज्ञानवर्धक वचन सुनने चाहिए तथा कल्याणकारी विचारों को अपनाना चाहिए। स्वस्थ शरीर, उत्तम आचरण और श्रेष्ठ गुणों के साथ जीवन को लोकहित के लिए समर्पित करने का संदेश दिया गया है।
संदेश में सत्य, प्रामाणिक और जनहितकारी सूचनाओं के प्रसार पर भी जोर दिया गया है। इसके माध्यम से राष्ट्र और समाज को जागरूक, सशक्त और समरस बनाने की अपील की गई है।


