कुमार भास्कर वर्मा सेतु का प्रधानमंत्री ने किया उद्घाटन

गुवाहाटी। कुमार भास्कर वर्मा सेतु के उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री पुल पर काफी दूर तक पैदल चलकर उसका जायजा लिया। इस मौके पर असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य एवं मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा भी मौजूद थे। पुल के उद्घाटन के अवसर पर नदी के किनारे भारी संख्या में आम नागरिक भी मौजूद थे। ज्ञात हो कि, पुल के जरिए गुवाहाटी से उत्तर गुवाहाटी तक पहुंचने में मात्र सात मिनट का समय लगेगा। पहले यह दूरी वाहन के जरिए लगभग एक घंटा से अधिक और नाव के जरिए आधे घंटे में पूरी होती थी। पुल के बन जाने से गुवाहाटी में आना-जाना काफी आसान हो जाएगा। पूर्वोत्तर भारत में अपनी तरह की पहली ईएलएफ को भारतीय वायु सेना के सहयोग से डिजाइन और निर्मित किया गया है। यह आपात स्थिति में सैन्य एवं नागरिक विमानों की लैंडिंग और टेकऑफ की सुविधा प्रदान करेगी। प्राकृतिक आपदाओं या रणनीतिक जरूरतों के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों की त्वरित तैनाती के लिए यह महत्वपूर्ण संपत्ति साबित होगी। दोहरे उपयोग वाली इस बुनियादी ढांचे को 40 टन तक वजन वाले लड़ाकू विमानों और 74 टन अधिकतम टेकऑफ वजन वाले परिवहन विमानों को संभालने में सक्षम बनाया गया है। प्रधानमंत्री माेदी का गुवाहाटी के खानापारा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से आयोजित बूथ कार्यकर्ताओं को संबोधित करने का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया है। असम दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार काे मोरान में राष्ट्रीय राजमार्ग पर आपातकालीन लैंडिंग सेवा (ईएलएफ) का उद्घाटन करने के बाद गुवाहाटी पहुंचे, जहां पर उन्होंने कई विकासात्मक परियोजनाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने गुवाहाटी के माछखोवा में आयोजित एक कार्यक्रम में ब्रह्मपुत्र नदी पर गुवाहाटी-उत्तर गुवाहाटी को जोड़ने के लिए लगभग 3,030 करोड़ रुपये की लागत से बनाए गये छह लेन के केबल ब्रिज कुमार भास्कर वर्मा सेतु, नॉर्थ ईस्ट के लिए नेशनल डेटा सेंटर, आईआईएम गुवाहाटी और पीएम-ई बस सेवा के तहत 225 ई-बसों को आम जनता के लिए समर्पित किया। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इन विकासात्मक परियोजनाओं से असम में कनेक्टिविटी और ग्रोथ के एक नए युग की शुरुआत हुई है।

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