नई दिल्ली। वैश्विक तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बनी अनिश्चितताओं के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। यूरिया, डीएपी और सल्फर से लदे चार मालवाहक जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारतीय बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं। सरकार ने दावा किया है कि देश में फिलहाल खाद का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और किसानों को किसी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी।
चार बंदरगाहों पर पहुंचेगी खाद की खेप
सरकारी बयान के अनुसार ये जहाज कृष्णापटनम, काकीनाडा, पारादीप और मुंद्रा बंदरगाहों पर पहुंचेंगे। वहां से खाद की खेप को तेजी से उतारकर किसानों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। सरकार का कहना है कि इन जहाजों के पहुंचने से मौजूदा भंडार और मजबूत होगा।
देश में 196 लाख टन से अधिक खाद का भंडार
22 जून तक देश में कुल 196.08 लाख टन उर्वरक उपलब्ध है, जो पिछले वर्ष इसी अवधि के 168.67 लाख टन भंडार से काफी अधिक है। वर्तमान स्टॉक में 81.44 लाख टन यूरिया, 20.92 लाख टन डीएपी, 55.91 लाख टन एनपीके, 12.68 लाख टन एमओपी और 25.13 लाख टन एसएसपी शामिल है।
बढ़ी मांग के बीच उत्पादन और आयात पर जोर
सरकार के अनुसार 1 मार्च से 21 जून के बीच 153.4 लाख टन उर्वरकों की बिक्री हुई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 140.2 लाख टन था। मांग बढ़ने के बावजूद घरेलू उत्पादन और आयात के जरिए आपूर्ति संतुलित रखी गई है।
पश्चिम एशिया संकट के बाद घरेलू उत्पादन बढ़ाकर 133.12 लाख मीट्रिक टन किया गया, जबकि इसी अवधि में 43.69 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का आयात भी किया गया।
कई देशों से हो रही खाद की आपूर्ति
भारत यूरिया की आपूर्ति ओमान, मलेशिया, वियतनाम, नाइजीरिया, रूस, मिस्र, अल्जीरिया, तुर्किये और नीदरलैंड समेत कई देशों से सुनिश्चित कर रहा है। वहीं डीएपी और एनपीके उर्वरकों की आपूर्ति रूस, मोरक्को, मिस्र, अमेरिका, जॉर्डन, दक्षिण कोरिया, ट्यूनीशिया और सऊदी अरब से की जा रही है।
