वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था की झारखंड में समीक्षा, अंगरक्षकों की मांगी गई रिपोर्ट

रांची। पुलिस मुख्यालय से जारी निर्देश के अनुसार, सभी जिलों को यह जानकारी देनी होगी कि किन-किन विशिष्ट (वीआईपी), अति विशिष्ट (वीवीआईपी) और अन्य व्यक्तियों को सुरक्षा के तहत अंगरक्षक उपलब्ध कराए गए हैं। इसके साथ ही प्रत्येक व्यक्ति को तैनात अंगरक्षकों की संख्या, उनकी तैनाती की अवधि और उनके पास उपलब्ध हथियारों का पूरा विवरण भी देना अनिवार्य किया गया है। दरअसल, कुख्यात अपराधी प्रिंस खान के गुर्गे राणा राहुल प्रताप को अंगरक्षक उपलब्ध कराए जाने के खुलासे के बाद पुलिस मुख्यालय हरकत में आया है। इस मामले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब यह जांच की जा रही है कि अपराधियों या उनके सहयोगियों को किन परिस्थितियों में सुरक्षा दी गई और इसमें कहीं नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ। इसी के आधार पर राज्यभर में वीआईपी सुरक्षा की व्यापक समीक्षा की जाएगी। पुलिस मुख्यालय ने संकेत दिए हैं कि समीक्षा के बाद जरूरत के अनुसार अंगरक्षकों को हटाने, उनकी संख्या में कमी या वृद्धि करने, यहां तक कि तैनाती में बदलाव करने जैसे निर्णय भी लिए जा सकते हैं। इससे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। झारखंड पुलिस मुख्यालय ने राज्यभर में वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) और पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को 24 घंटे के भीतर अंगरक्षकों (बॉडीगार्ड) से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

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