वित्तीय वर्ष 2025-26 में बाढ़ पीड़ित 10 लाख परिवारों को 680 करोड़ रुपये जारी किए

पटना। बिहार सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में बाढ़ग्रस्त इलाकों में प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए राज्य आपदा प्रबंधन विभाग से 680 करोड़ 17 लाख रुपये की आनुग्राहिक राशि का भुगतान किया है। यह राशि 9 लाख 71 हजार 678 परिवारों को प्रति परिवार सात हजार रुपये के हिसाब से दी गई है।

विभाग के संयुक्त सचिव मो. नदीमुल गफ्फार सिद्दीकी ने गुरुवार को बताया कि इससे पहले पीड़ित परिवारों के लिए 6 हजार रुपये की आनुग्राहिक राशि जारी की जाती थी, लेकिन अब इस राशि में प्रति परिवार एक हजार रुपये की बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने बताया कि आपदा प्रबंधन की दिशा में विभाग ने कई महत्पवूर्ण कदम उठाए हैं। इनमें एक मुख्य वर्ष 2025-30 के बीच नदियों, जलाशयों और गड्ढों में डूबकर मरने वाले लोगों की संख्या में 50 फीसदी तक की कमी लाना शामिल है। इसके लिए 6 से 10 वर्ष के बच्चों और 11 से 18 वर्ष के उम्र वाले किशोरों को सुरक्षित तैराकी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

मो सिद्दीकी ने बताया कि अगलगी की घटनाओं में विभाग तत्परता के साथ बचाव और आनुग्राहिक राहत देने का कार्य कर रहा है। वर्ष 2025-26 में घटित ऐसी घटनाओं में पशु-पक्षी एवं क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए 44 करोड़ 84 लाख रुपये का आवंटन किया गया है। साथ ही कृषि इनपुट और अनुग्रह अनुदान के लिए क्रमशः 12.70 और 9.20 करोड़ रुपये आवंटित हैं।

उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग के सामंजस्य में स्कूलों में मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों और अभिभावकों को आपदाओं के जोखिमों की पहचान, उनके प्रभावों को कम करने के उपायों की समझ विकसित करने के साथ बच्चों के सहारे राज्य में आपदा सुरक्षा की संस्कृति को सुदृढ़ करना है।

उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में इस वर्ष अभी तक करीब आठ हजार से भी अधिक शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। आपदा प्रभावित लोगों को त्वरित राहत देने और बचाव कार्य के लिए आपदा प्रबंधन विभाग राज्य के सभी जिलों में आपातकालीन प्रतिक्रिया सुविधा-सह-प्रशिक्षण केंद्र (ईआरएफ-टीसी) का निर्माण कर रहा है। अभी तक चिन्हित 18 में 17 में भवन निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि पटना में कार्य प्रगति पर है। बाकी के 20 जिलों में भी विभागों के समन्वय से निर्माण कार्य जल्द पूरा किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *