नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी निजी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज को भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की ओर से इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों के कथित उल्लंघन के मामले में प्रशासनिक चेतावनी जारी की गई है। सेबी की जांच में कंपनी के दो कर्मचारियों और एक कर्मचारी के करीबी रिश्तेदार द्वारा अप्रकाशित मूल्य-संवेदनशील जानकारी (यूपीएसआई) के दौरान कंपनी के शेयरों में कारोबार किए जाने का मामला सामने आया है।
जांच में तीन लोगों के नाम सामने आए
सेबी ने एक जून 2024 से 30 अगस्त 2024 के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में हुए कारोबार की समीक्षा की। जांच के दौरान तीन लोगों के नाम सामने आए। इनमें हर्ष जैन ने पांच जुलाई 2024 को रिलायंस के दो शेयर खरीदे। कामिनी जैन ने 10 जुलाई को 35 शेयर बेचे और अगले दिन 25 शेयर दोबारा खरीदे। वहीं हिराई उमंग दोषी ने 18 जुलाई को 15 शेयर बेचे। सेबी का कहना है कि ये लेन-देन इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों के उल्लंघन की श्रेणी में आते हैं।
कंपनी को सतर्क रहने की सलाह
सेबी ने रिलायंस के कंपनी सचिव एवं अनुपालन अधिकारी को भेजे पत्र में कहा है कि भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। नियामक ने यह भी कहा कि यदि दोबारा इस प्रकार का उल्लंघन सामने आता है तो सेबी अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में स्पष्ट किया है कि यह केवल प्रशासनिक चेतावनी है और इसका कंपनी के वित्तीय या परिचालन कार्यों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। कंपनी ने कहा कि वह सेबी द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं पर आवश्यक कदम उठाएगी। हालांकि, संबंधित कर्मचारियों या उनके रिश्तेदारों के खिलाफ किसी आंतरिक कार्रवाई की जानकारी फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है।
