आगामी 25 वर्ष आगे के समय को ध्यान में रखकर बाईपास का निर्माण कराया जाए : डॉ दिलीप जायसवाल

पटना। बिहार सरकार में भाजपा कोटे से पथ निर्माण मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल ने रविवार को विभागीय सभाकक्ष में 2025-26 के वार्षिक कार्य योजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) की प्रगति पर समीक्षा की ।इस दौरान उन्होंने कहा कि आगामी 25 वर्ष आगे के समय को ध्यान में रखकर बाईपास का निर्माण कराया जाए ।

समीक्षा के दौरान मंत्री जायसवाल ने परियोजनाओं के डीपीआर तैयार करने में आ रही बाधाओं को सभी संबंधित पदाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर जल्द दूर करने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि सड़क परियोजनाओं के अवरोधों के समाधान हेतु पीएमओ, मंत्रालय एवं केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखकर अवगत कराया जाएगा। अलाइनमेंट अप्रूवल, डीपीआर सबमिशन, स्क्रूटनी और मंत्रालय/आरओ सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को भेजने में देरी न हो। किसी भी स्तर पर गड़बड़ी न हो इसका ध्यान रखा जाय।

मंत्री ने कहा कि 25 वर्ष आगे के समय को ध्यान में रखकर बाईपास का निर्माण कराया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि बाईपास शहर से दूर हो और आबादी एवं यातायात को प्राथमिकता देते हुए इसका निर्माण कराना सुनिश्चित करें।

मंत्री ने कहा कि सभी अप्रूव्ड अलाइनमेंट वाली परियोजनाओं के डीपीआर को तत्काल अंतिम रूप दिया जाय और निर्धारित समयसीमा के भीतर संबंधित कार्यालयों/मंत्रालय को सबमिट किया जाए। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को भेजी गई अलाइनमेंट पर त्वरित फॉलो-अप किया जाए और पेंडिंग कम्प्लायंस/ऑब्जर्वेशंस को समयसीमा निर्धारित पूरा किया जाए।

उन्होंने राम जानकी मार्ग (मशरख-चकिया-भीठामोड़) के डीपीआर को लेकर भी निदेश दिया। इसके लिए अलग से टीम लगाई जाय ताकि परियोजना को शीघ्र धरातल पर उतारा जा सके। सभी स्तरों पर समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए साप्ताहिक प्रोग्रेस रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। टाइमलाइन तय कर कार्य को पूर्ण करें।

मंत्री ने बीआरपीएनएनएल की परियोजनाओं के अवरोधों को दूर करने के लिए रेलवे से समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया। सभी संबंधित विभागों, एजेंसियों और कंसल्टेंट्स को निर्देश दिया गया है कि वे इन परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि निर्धारित समयसीमा में लक्ष्य हासिल हो सके।

समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री को प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अनीसाबाद-एम्स एलिवेटेड कॉरिडोर, विक्रमशिला सेतु, औरंगाबाद फोरलेन बाईपास, सिंहेश्वर बाईपास, अरवल से बिहार शरीफ सड़क परियोजना एवं कई रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण सहित कुल 52 परियोजनाएं (कुल लागत: 33,464 करोड़ रुपये) के डीपीआर की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया गया। एनएच विंग द्वारा 36 परियोजना, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड (बीआरपीएनएनएल) द्वारा 14 परियोजना एवं बिहार राज्य सड़क विकास निगम लिमिटेड (बीएसआरडीसीएल)द्वारा 02 परियोजनाओं का डीपीआर तैयार किया जा रहा है।

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