वृंदावन में जीवनदीप आश्रम का लोकार्पण, संघ प्रमुख ने बताया आश्रमों का महत्वमुख्यमंत्री मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक समेत कई प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद
मथुरा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख डॉक्टर मोहन भागवत ने मंगलवार को अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को लेकर कहा कि अहंकार, बदला और स्वार्थ की भावना के कारण यह युद्ध हो रहा है। जो लड़ रहे हैं, वह अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया जानती है कि युद्ध से नुकसान होता है। अब उन्हें पछतावा हो रहा है, इसका नया रास्ता भारत से मिलेगा। केवल जड़वाद से काम नहीं चलेगा। अध्यात्म साथ लेना पड़ेगा।
संघ प्रमुख डाॅ माेहन भागवत वृंदावन में रुक्मणि विहार में नवनिर्मित जीवनदीप आश्रम का लोकार्पण करने के बाद अपना संबाेधन दे रहे थे।इससे पहले संघ प्रमुख डाॅ भागवत के आश्रम पहुंचने पर बालिकाओं ने पुष्प भेंट कर उनका स्वागत किया। इसके बाद महामंडलेश्वर यतीन्द्र गिरी महाराज (रुड़की) के सानिध्य में फीता काटकर एवं ठाकुरजी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर आश्रम का शुभारंभ किया। वैदिक मंत्रोच्चारण और संतों के सानिध्य में आयोजित इस लाेकार्पण कार्यक्रम में कई राज्यों के प्रमुख जनप्रतिनिधियों और संत समाज माैजूद रहा। कार्यक्रम में बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से अतिथियों का मन मोह लिया।
अपने संबाेधन में संघ प्रमुख डाॅ भागवत ने कहा कि जीवन दीप आश्रम साधु-संतों की सेवा के साथ ध्यान, योग और क्रियायोग साधना का प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने आश्रम परंपरा को भारतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण धरोहर बताते हुए कहा कि यहां मिलने वाली शिक्षा व्यक्ति के जीवन को तेजस्वी और ओजस्वी बनाती है। उन्होंने आगे कहा कि आश्रम और गुरुकुल की शिक्षा पद्धति सर्वोत्तम है और जीवनदीप आश्रम इस दिशा में एक मजबूत आधार सिद्ध होगा। संघ प्रमुख ने देश काे घुसपैठियों से भी बचाने का आह्वान किया। उन्हाेंने कहा कि घुसपैठियों को हमें पहचानने में देर नहीं लगेगी। विदेशी ऐसे नागरिक जो अवैध रूप से रह रहे हैं, उन्हें चिन्हित करके अधिकारियों से जांच करवाएं और ऐसे लोगों को अपने यहां कोई काम भी न दें। जिससे देश के नागरिकों के अधिकारों का हनन होने से बच सके। आरएसएस प्रमुख ने कहा कि हमारी संस्कृति में आक्रमकता नहीं है, जबकि दुनिया की संस्कृति में आक्रामकता है।
कार्यक्रम में बिहार के पूर्व राज्यपाल मोहम्मद आरिफ ने खान ने कहा कि वृंदावन की पावन भूमि पर स्वामीजी के आश्रम का उद्घाटन के मौके परमाैजूद रहने का अवसर मुझे मिला। उन्होंने कहाकि मैं केवल इतना ही कहूंगा कि ब्रज की धरती को साधु-संतों ने सींचा है। ब्रज की धरती पर साधु-संतों से हमेशा आशीर्वाद बना रहा है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि वृंदावन की पावन भूमि पर स्वामी यतींद्रानंद गिरी महाराज काे आश्रम स्थापित करने की बधाई देता हूं। मैं उन्हें वर्ष 2028 में मध्य प्रदेश के उज्जैन में आयोजित हाेने वाले कुंभ के लिए भी निमंत्रण देता हूं।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि स्वामी यतींद्रानंद गिरि महाराज ने सनातन धर्म के लिए पूरा जीवन समर्पित कर दिया और कई आश्रम देश में बने हैं। उन्हाेंने और अन्य साधु-संतों ने हमेशा से देश की संस्कृति को बचाने और मार्गदर्शन करने का काम किया है।कार्यक्रम के दौरान यतीन्द्र गिरी महाराज की हिंदी और अंग्रेजी में लिखित पुस्तक का भी विमोचन किया गया। आयोजन स्थल पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम थे और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण, जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंदजी महाराज और साध्वी ऋतंभरा सहित अनेक संत, श्रद्धालु और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
