संत रविदास के विचार आज भी प्रासंगिक, समता और सामाजिक न्याय के राह पर बिहार सरकार: सम्राट चौधरी

पटना। संत रविदास जयंती के अवसर पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि संत रविदास ने करीब 600 वर्ष पहले समाज को जोड़ने का संदेश दिया था। उन्होंने ऐसे समाज की कल्पना की थी, जहां भेदभाव और आपसी टकराव की कोई जगह न हो और सभी मिल-जुलकर रहें।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास पूरे समाज के भगवान थे। उन्होंने ऊंच-नीच के भेद को खत्म कर समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया। आज के दौर में उनके विचारों को जीवन में उतारने की जरुरत है और इसी सोच के तहत बिहार सरकार द्वारा वर्ष 2025 में अंबेडकर योजना के तहत दलित-महादलित टोलों में सड़क, बिजली और सामुदायिक भवन जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया गया है।

उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय तभी संभव है, जब सभी वर्गों के साथ समान न्याय हो।

उन्होंने कहा कि एससी-एसटी समुदाय के कल्याण के लिए माननीय मंत्री लखेंद्र पासवान जी लगातार प्रयासरत हैं और इसी कड़ी में राज्य के करीब 9,000 दलित-महादलित टोलों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इन टोलों में बिहार की कुल आबादी का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा निवास करता है।

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि महिलाओं की मांग पर राज्य सरकार ने केंद्र के सहयोग से 100 यूनिट के बजाय 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने का निर्णय लिया। इसके परिणामस्वरूप इन टोलों में 19 प्रतिशत से अधिक उपभोक्ताओं का बिजली बिल शून्य हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में अब 1 करोड़ 14 लाख लोगों को वृद्धा पेंशन योजना के तहत प्रतिमाह 1,100 रुपये की सहायता राशि दी जा रही है।

सम्राट चौधरी ने कहा कि कांग्रेस की सरकार में दिल्ली से चलने वाला 100 रु गांव आते-आते मात्र 15 रु हो जाता था। मोदी-नीतीश की डिजिटल इंडिया विजन के जरिये आज दिल्ली से जनधन अकाउंट में आने वाला 100 रु सीधा जनता के अकाउंट में आता है। बिहार में 1 करोड़ 56 लाख परिवारों को महिला रोजगार योजना के तहत 10-10 हजार रुपये अकाउंट में दिये गये।

समृद्धि यात्रा के दौरान लाभार्थी महिलाओं ने हमें बताया कि इस पैसे से बकरी पालन, दुकान व सिलाई जैसे रोजगार कर अपने परिवार को आर्थिक सहयोग कर रही हैं। अब किश्त के जरिये 2 लाख तक की राशि ट्रांसफर की जायेगी। आज जीविका के माध्यम से बिहार में 1 करोड़ 20 लाख का वित्तीय बाजार स्थापित हो गया है। वर्ष 1977 में जब बिहार में पिछड़ा-अतिपिछड़ा व महिलाओं को आरक्षण दिया जा रहा था। तब भी कर्पूरी ठाकुर के साथ कैलाशपति मिश्र खड़े थे। 1979 में मंडल कमीशन की रिपोर्ट आने के बाद वीपी सिंह की सरकार में भाजपा के सहयोग से आरक्षण लागू किया गया। मोदी जी ने साफ कहा है कि बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के एससी-एसटी एक्ट को कोई छू भी नहीं सकता। भारत की समृद्धि आप पर निर्भर है।

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