झुंड से बिछड़े गुस्साए हाथी का कहर, तीन की मौत, दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल

पश्चिमी सिंहभूम। झुंड से बिछड़े जंगली हाथी ने गुरुवार शाम से रात तक टोंटो और सदर प्रखंड के कई गांवों में तीन लोगों को पटक कर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना में दो महिलाएं भी गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद से पूरे इलाके में डर का माहौल बना हुआ है और लोग घरों से निकलने में डर रहे हैं और सहमे हुए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, अपने झुंड से बिछड़ा एक जंगली हाथी भोजन की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच गया। सबसे पहले टोंटो प्रखंड के बांडीझारी गांव में हाथी ने मंगल सिंह हेंब्रम (35) पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके कुछ ही देर बाद बिरसिंहहातु गांव के कुचुबासा टोली निवासी उर्दूप बहंदा (55) हाथी की चपेट में आ गए और उन्होंने भी दम तोड़ दिया। इसी क्रम में सदर प्रखंड के रोरो गांव में विष्णु सुंडी (57) पर हाथी ने हमला किया, जिनकी इलाज से पूूूर्व ही मौत हो गई। हाथी के हमले के दौरान बिरसिंहहातु गांव की दो महिलाएं मानी कुंटिया और सुखमति बहंदा गंभीर रूप से घायल हो गईं। दोनों को शुक्रवार को सदर अस्पताल चाईबासा में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि घायल सुखमति बहंदा मृतक उर्दूप बहंदा की पत्नी हैं। वहीं घटना के कारण रात भर गांव में अफरा-तफरी का माहौल रहा और लोग किसी अनहोनी की आशंका से जागते रहे। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथी को आबादी से दूर जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास शुरू किया। अधिकारी लगातार हाथी की गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं, लेकिन शुक्रवार शाम तक हाथी के दोबारा बिरसिंहहातु गांव की ओर लौटने की खबर से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथी असामान्य रूप से आक्रामक हो गया है और कभी भी बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है। लोगों ने प्रशासन से गांवों में सुरक्षा बढ़ाने, हाथी को सुरक्षित तरीके से जंगल में भेजने और मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।

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