दोहा वार्ता पर ट्रंप का बड़ा बयान: ‘ईरान को परमाणु-मुक्त करने का अभियान सही दिशा में’

वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में चल रही वैश्विक कूटनीतिक प्रक्रिया बेहद सकारात्मक तरीके से आगे बढ़ रही है। नॉर्थ डकोटा रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि कतर की राजधानी दोहा में हुई उच्चस्तरीय वार्ताएं “बेहद अच्छी” रही हैं और इस समय अमेरिका व ईरान के बीच द्विपक्षीय संबंधों में भी प्रगति हो रही है। उन्होंने क्षेत्र में किसी भी पूर्ण युद्ध की आशंकाओं को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि फिलहाल कूटनीतिक प्रयास ही सबसे प्रभावी साबित हो रहे हैं।

सैन्य विकल्पों पर चर्चा के बीच कूटनीति को प्राथमिकता

तुर्किए की सरकारी संवाद समिति ‘अनाडोलू’ के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर की दोहा में हुई हालिया बैठकों की जमकर सराहना की। यह रणनीतिक बयान उन मीडिया रिपोर्टों के ठीक बाद आया है, जिनमें दावा किया गया था कि ट्रंप ने हाल ही में रक्षा सचिव पीट हेगसेथ सहित अपने शीर्ष सैन्य सलाहकारों के साथ ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य विकल्पों पर गंभीर चर्चा की थी। ट्रंप ने स्वीकार किया कि हालांकि सेना ने पिछले हफ्ते उन पर सैन्य कार्रवाई के लिए बहुत ज़ोरदार दबाव बनाया था, लेकिन उन्होंने फिलहाल युद्ध के बजाय कूटनीति को प्राथमिकता देने का बड़ा निर्णय लिया है।

पाकिस्तान की मध्यस्थता और व्यापक सुरक्षा समझौते का खाका

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, दोहा में तकनीकी स्तर की वार्ताओं में कतर की मध्यस्थता से काफी प्रगति हुई है, जिससे वाशिंगटन और तेहरान के बीच महीनों से चल रहे तनाव के स्थायी समाधान की उम्मीद जगी है। हालांकि, तेहरान ने आधिकारिक तौर पर अमेरिकी प्रतिनिधियों के साथ किसी भी सीधी बैठक से इनकार करते हुए कहा है कि सभी बातचीत बिचौलियों के ज़रिए ही हो रही है।

इस बीच, पाकिस्तान की मध्यस्थता में वाशिंगटन और तेहरान के बीच तैयार हुए समझौता ज्ञापन (MoU) पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने इलेक्ट्रॉनिक रूप से हस्ताक्षर कर दिए हैं। यह ऐतिहासिक समझौता इस साल फरवरी के आखिर में शुरू हुए तनाव को खत्म करने और दोनों देशों के बीच लंबित मुद्दों को सुलझाने का एक मजबूत ढांचा प्रदान करता है। इस व्यापक एजेंडे में लेबनान सहित सभी मोर्चों पर लड़ाई रोकना, ईरान पर लगे प्रतिबंधों में ढील, परमाणु मसला, होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह से फिर से खोलना और व्यापक क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था शामिल है।

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