रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के आरोपों पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने शुक्रवार को जारी विज्ञप्ति में कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से झारखंड के युवाओं से माफी मांगने की मांग की। भाजपा शासनकाल में नियुक्तियों में घोटाले और परीक्षाओं के रद्द होने से युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ, जबकि हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य में पारदर्शी बहालियां हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि आज झारखंडियों को रोजगार देने की बात भाजपा को धमकी जैसी लगने लगी है, जो उसकी जनविरोधी और युवा विरोधी मानसिकता को उजागर करती है।
भाजपा को न तो राज्य के युवाओं की चिंता है और न ही स्थानीय लोगों के भविष्य से कोई सरोकार है।
विनोद पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड के युवाओं के रोजगार और भविष्य को लेकर पूरी तरह संवेदनशील हैं। उनकी सरकार ने सरकारी नौकरियों में पारदर्शी बहाली की प्रक्रिया शुरू की है। निजी क्षेत्र में भी स्थानीय युवाओं को अवसर देने के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। निजी कंपनियों में 75 प्रतिशत स्थानीय युवाओं की नियुक्ति का निर्णय इसी सोच का परिणाम है, ताकि राज्य के संसाधनों पर पहला अधिकार झारखंडियों का हो।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को स्थानीय युवाओं का हक रास नहीं आता। जब भी रोजगार और सामाजिक न्याय की बात होती है, भाजपा भ्रम फैलाने लगती है।
