रांची। मंत्री शिल्पीं नेहा तिर्की ने कहा कि भाजपा सरकार ने अपने शासनकाल में जाे नहीं कर पाई, राज्य में कांग्रेस-झामुमो (झारखंड मुक्ति मोर्चा) की हेमंत सरकार ने उसे कर दिखाया है। भाजपा ने पेसा कानून के अधिकार पर राज्यवासियों को हमेशा भ्रमित करने का काम किया, लेकिन हेमंत सरकार ने पेसा नियमावली लागू कर पारंपरिक ग्राम व्यवस्था को मजबूती दी है।
मंत्री शनिवार को मांडर फॉरेस्ट मैदान और चान्हो के शहीद वीर बुधु भगत इन्टर कॉलेज में कांग्रेस की ओर से आयोजित ब्लॉक संवाद कार्यक्रम में बाेल रही थे।
मंत्री ने कहा कि झारखंड देश का एक ऐसा राज्य है जहां पेसा नियमावली के तहत सरकार की योजना के चयन में ग्राम सभा से परामर्श नहीं लिया जाता, बल्कि सहमति लेना जरूरी है। ये ग्राम सभा को मिली बड़ी ताकत का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा को पिछले 10 साल में सिर्फ कमजोर करने और ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार को खत्म करने का काम किया। पहले जरूरत के अनुरूप ग्रामीणों को योजना और उसके जरिए रोजगार की गारंटी थी।
मौके पर कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ता ही भाजपा के षडयंत्र का माकूल जवाब दे सकते हैं। उन्हाेंने कहा कि जानकारी के अभाव में लोग अपने अधिकार को नहीं समझ पा रहे हैं। कांग्रेस के बीएलए को यही काम करना है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने मनरेगा कानून का नाम और इसके मूल स्वभाव को बदल दिया।
मौके पर कांग्रेस के बीएलए ने ग्रामीणों को मनरेगा संग्राम, पेसा कानून और एसआईआर को लेकर चर्चा और प्रशिक्षण दिया।
संवाद कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष सोमनाथ मुंडा, मांडर प्रखंड अध्यक्ष मंगा उरांव, चान्हो प्रखंड अध्यक्ष इस्तियाक, दिलीप सिंह सहित अन्य मौजूद थे।
