जब-जब देश को जरूरत पड़ी, साधु-संतों ने आगे बढ़कर समाज को जोड़ने का काम किया:सम्राट चौधरी

पटना। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को संत रविदास जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में समाज में समानता, भाईचारा और विकास के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संत रविदास जैसे महापुरुषों के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब समाज से ऊंच-नीच और भेदभाव को समाप्त कर सभी की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाया जाए।

सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि संत रविदास ने छुआछूत और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि उनके आदर्शों को अपनाया जाए और समाज में समानता और न्याय स्थापित करने का प्रयास किया जाए।

उपमुख्यमंत्री ने बिहार सरकार द्वारा धार्मिक और सामाजिक स्थलों के विकास पर दिए जा रहे विशेष ध्यान को भी रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य में धार्मिक स्थलों और सामाजिक ढांचों का विकास तेजी से किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य के 8,000 से अधिक कब्रिस्तानों की घेराबंदी कर सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित किया गया है, मंदिरों में चोरी रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है और लगभग 12,000 टोलों में बिजली, सड़क और सामुदायिक भवन निर्माण लगभग 70 प्रतिशत पूरा हो चुका है।

सम्राट चौधरी ने इस मौके पर बजट और राज्य के विकास कार्यक्रमों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रस्तुत बजट वर्ष 2047 के विकसित भारत की परिकल्पना को दर्शाता है। गंगा नदी के माध्यम से जलमार्ग व्यवस्था को विकसित कर पटना–वाराणसी और पटना–हल्दिया मार्गों को व्यवस्थित किया जा रहा है, जिससे व्यापार और परिवहन में गति आएगी।

उन्होंने शहरी परिवहन परियोजनाओं का भी उल्लेख किया और कहा कि पटना में रेल मेट्रो शुरू हो चुकी है और आगामी दो महीनों में वाटर मेट्रो भी शुरू होने जा रही है, जिससे शहर में शहरी परिवहन को नई दिशा मिलेगी।

सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य बिहार में धार्मिक, सामाजिक और आर्थिक विकास को संतुलित रूप से बढ़ाना है, जिससे समाज के हर वर्ग को लाभ मिले और राज्य में समानता और समृद्धि स्थापित हो। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि संत रविदास के संदेश को अपनाकर समाज में भाईचारा, समानता और विकास के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाई जाए।

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