महिलाएं अपने माथे के पल्लू को जीत का परचम बनायें : सुप्रिया श्रीनेत

रांची: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्रमुख नेता, राष्ट्रीय प्रवक्ता, पार्टी की सोशल मीडिया व डिजिटल प्लेटफॉर्म्स (आईटी सेल) की प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने कहा है कि किसी भी बाधा या परेशानी से घबराये बिना अपने माथे के पल्लू को जीत का परचम बनाकर फहराने की जरूरत है. महिलाओं के बिना ना तो विकास का कोई सपना पूरा हो सकता है ना ही समृद्धि आ सकती है और न ही परिवार के साथ ही देश-दुनिया में खुशहाली आ सकती है.
रांची के बेड़ो प्रखण्ड के बारीडीह मैदान में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित प्रगतिशील महिला सम्मान सम्मेलन के अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि आज भले ही चुनौतीपूर्ण स्थिति हो लेकिन आनेवाला समय महिलाओं और युवतियों का है. उन्होंने कहा कि अपनी प्रत्येक भूमिका में महिलायें कहीं अधिक समर्पित और जागरूक रही हैं लेकिन यह दुर्भाग्य है कि उनकी भूमिका को कम करके आंका जाता है. उन्होंने कहा कि मां, पत्नी, बहन के साथ ही मित्र और सहयोगी की भूमिका में भी महिलाओं का योगदान अतुलनीय है और इसकी बराबरी कोई नहीं कर सकता. महिलाओं पर हो रहे उत्पीड़न की तीखी आलोचना करते हुए सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि महिलाओं को उत्प्रेरित होकर आगे बढ़ने एवं अपने अधिकार के लिये मुखरता से आवाज उठाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि राजनीति में भी न केवल मुख्यमंत्री बल्कि मंत्री के रूप में भी महिलाएँ अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रही हैं और इस मामले में शिल्पी नेहा तिर्की एक जीवंन उदाहरण है जिन्होंने अपनी भूमिका को बखूबी निभाया है.
सम्मेलन को संबोधित करते हुए कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने महिलाओं को शुभकामनायें देते हुए कहा कि
जिसे सभी झारखण्ड या देश की आधी आबादी कहते हैं वह वास्तव में वैसा पूरा संसार है जिसका योगदान हमारे परिवार, समाज, झारखण्ड और देश की उन्नति, प्रगति, समृद्धि में अद्भुत है.
श्रीमती तिर्की ने कहा कि कांग्रेस की हमेशा से यही विचारधारा रही है कि महिलाओं को पर्याप्त सम्मान दिये बिना सभी के चेहरे पर मुस्कान की बात सोचना भी बेमानी है और इसी भावना से मांडर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बेड़ो प्रखण्ड में प्रगतिशील महिलाओं के सम्मेलन का आयोजन किया गया है.
इस सम्मेलन के उद्घाटन संबोधन में पूर्व मंत्री, झारखण्ड सरकार की समन्वय समिति के सदस्य, झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष एवं असम विधानसभा चुनाव के लिये नियुक्त कांग्रेस के वरीय पर्यवेक्षक बंधु तिर्की ने कहा कि बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति यह बताने को पर्याप्त है कि महिलायें अपने अधिकार के साथ ही अपने कर्तव्य को लेकर भी कितनी ज्यादा जागरुक है. उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपनी बहुमुखी प्रतिभा के साथ ही उद्यमिता, कलात्मक और प्रबंधन की क्षमता को खुलकर निखारना और संघर्ष करना चाहिये क्योंकि यदि महिलायें अपनी प्रतिभा का स्वयं सम्मान नहीं करेंगी तो यह आत्मघाती कदम होगा. श्री तिर्की ने कहा कि सुप्रिया श्रीनेत जैसी महिला आज भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्रमुख नेता हैं और वे पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता, के साथ ही पार्टी की सोशल मीडिया व डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की प्रमुख के रूप में अपना महत्वपूर्ण दायित्व संभाल रही है और यह इस बात को साबित करने के लिये काफी है कि महिलायें किस हद तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी से भरी हुई भूमिका निभाती हैं साथ ही वे किस प्रकार से दबाव में भी अपनी सही-सटीक भूमिका का निर्वहन करती हैं.
श्री तिर्की ने कहा कि आवश्यकता इस बात की है कि सभी लोग विशेषकर महिलायें उत्प्रेरित होकर अपने परिवार के साथ ही संपूर्ण क्षेत्र, समाज, झारखण्ड और देश के विकास में अपना योगदान निरंतर जारी रखें.
इस सम्मेलन में अपने संबोधन में भारतीय पुलिस सेवा की अधिकारी सरोजिनी लकड़ा ने कहा कि कोई भी समस्या वास्तव में अवसर का ही दूसरा रूप होता है और हम महिलाओं को चुनौती स्वीकार कर आगे बढ़ने एवं अपनी भूमिकाओं को निभाने की जरूरत है तभी उपलब्धियां प्राप्त होगी.
आज के सम्मेलन में मांडर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सभी पांच प्रखण्डों मांडर, बेड़ो, ईटकी, चान्हो और लापुंग के साथ ही सीमावर्ती जिले की महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया. आज फुटबॉल टूर्नामेंट का भी फाइनल मैच खेला गया जिसकी शुरुआत विभिन्न प्रखण्डों में पिछले 8 मार्च को हुई थी. इस कार्यक्रम में महिलाओं की भारी संख्या में उपस्थिति रही.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *