सारण। जिले से जालसाजी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहाँ एक युवक खुद को भारतीय प्रशासनिक सेवा का अधिकारी बताकर सीधे जिलाधिकारी के चैंबर में जा पहुचा।
पकड़े गए युवक की पहचान रीतेश कुमार पिता कृष्णा पंडित के रूप में हुई है, जो मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बसाढ़ी गाँव का निवासी बताया जा रहा है। जिला सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी रविंद्र कुमार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार आज शाम जब रितेश कुमार समाहरणालय पहुँचा और वहाँ तैनात आदेशपाल को रौब दिखाते हुए कहा कि वह वर्तमान में मेरठ उत्तर प्रदेश में आईएएस के पद पर तैनात है और उसे जिलाधिकारी से जरूरी मुलाकात करनी है।
प्रोटोकॉल के तहत उसे जिलाधिकारी के कार्यालय प्रकोष्ठ के अंदर भेजा गया। अंदर जाते ही युवक ने अपना परिचय एक बड़े अधिकारी के रूप में दिया लेकिन बातचीत के दौरान जिलाधिकारी को उसकी बातों पर संदेह हुआ। जब डीएम ने उससे उसका आधिकारिक पहचान पत्र माँगा, तो वह सकपका गया और टाल-मटोल करने लगा। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसकी सारी हकीकत सामने आ गई। पूछताछ में युवक ने स्वीकार किया कि वह कोई आईएएस अधिकारी नहीं है। उसने बताया कि वह अक्सर सरकारी कार्यालयों में फर्जी अधिकारी बनकर अधिकारियों पर धौंस जमाता है। इसके पीछे उसका मकसद आम लोगों को भ्रमित करना था। वह लोगों का काम कराने के नाम पर उनसे मोटी रकम वसूलता था और खुद को प्रभावशाली दिखाकर प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग करने की कोशिश करता था। जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल पुलिस को सूचित किया। जिलाधिकारी के निर्देश पर नगर थाना में युवक के विरुद्ध सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस फर्जीवाड़े के जरिए उसने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
