गुमला। झारखंड के गुमला जिले से पहली बार एक मीट्रिक टन उच्च गुणवत्ता वाले आम्रपाली आम की खेप संयुक्त अरब अमीरात (दुबई) के लिए निर्यात की गई। झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस), पलाश, जिला प्रशासन और एपीडा के संयुक्त प्रयास से यह पहल किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में अहम पहल
उपायुक्त दिलेश्वर महतो, उपविकास आयुक्त अनिमेष रंजन और भूमि सुधार उपसमाहर्ता राजीव ने हरी झंडी दिखाकर आम की खेप रवाना की। इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि स्थानीय कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने से किसानों की आय बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने मनरेगा की बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत जनजातीय महिला किसानों द्वारा आम की बागवानी के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के प्रयासों की सराहना की।
एफपीओ की रही महत्वपूर्ण भूमिका
उपायुक्त ने किसानों और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) से एपीडा की योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाकर कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन और निर्यात की संभावनाओं का उपयोग करने का आह्वान किया। इस निर्यात में गुमला रायडीह एग्री प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड और एमवीएम बघिमा पालकोट प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड की अहम भूमिका रही। दोनों एफपीओ द्वारा उत्पादित आम्रपाली आम का निर्यात फेयर एक्सपोर्ट (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से किया गया।
कार्यक्रम में एपीडा की सहायक महाप्रबंधक अंजलि नेहा लकड़ा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक शैलेन्द्र जारिका, जेएसएलपीएस के पदाधिकारी, एफपीओ के प्रतिनिधि तथा सदस्य उपस्थित रहे।
