नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नये अध्यक्ष नितिन नबीन ने तमिलनाडु, असम और पश्चिम बंगाल समेत कुछ राज्यों में आबादी के स्वरूप में हो रहे बदलाव को एक बड़ी चुनौती बताते हुए मंगलवार को कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता इस चुनौती का सामना करेंगे।श्री नबीन ने अपने निर्वाचन पर यहां पार्टी मुख्यालय पर आयोजित विशेष कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पांच राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों का उल्लेख किया और वहां डेमोग्राफी (जनसांख्यिकीय स्वरूप) में बदलाव से उत्पन्न चुनौती का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “अगले कुछ महीनों में तमिलनाडु, असम, बंगाल, केरल और पुड्डुचेरी में चुनाव होने वाला है और वहां की डेमोग्राफी बदलने पर चर्चा हो रही है। यह हमारे लिए चुनौती है लेकिन हम पूरी तरह आश्वस्त हैं कि भाजपा के सशक्त कार्यकर्ता सबकुछ संभव कर देंगे।” श्री नबीन ने कहा कि भाजपा संगठन केवल एक व्यवस्था नहीं, बल्कि एक संस्कार है। उन्होंने कहा , “राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में मेरा निर्वाचन एक साधारण कार्यकर्ता की असाधारण यात्रा को मिला सम्मान है और सेवा का दृढ़ संकल्प है।” उन्होंने इस नई जिम्मेदारी के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, निवर्तमान अध्यक्ष जेपी नड्डा और पार्टी नेतृत्व के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “मैं उन सभी प्रदेशों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का भी हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ, जिन्होंने इस पद के लिए मेरा नाम प्रस्तावित किया।” भाजपा नव निर्वाचित अध्यक्ष ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुये कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश को विकसित भारत बनाने के संकल्प को साकार करने के लिए हम सभी पूर्ण एकजुटता और प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्यरत रहना होगा। उन्होंने पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा के नेतृत्व के लिए आभार प्रकट करते हुये कहा कि उनके नेतृत्व में संगठन ने अभूतपूर्व विस्तार देखा, और कार्यकर्ता-आधारित राजनीति तथा सेवा की संस्कृति और अधिक सुदृढ़ हुई। उसी संगठनात्मक परंपरा को आगे बढ़ाना मेरा साझा संकल्प है। श्री नबीन ने कहा कि भाजपा देश की एकमात्र ऐसी पार्टी है जहां बड़े पदों और बड़ी जिम्मेदारियों के लिए किसी विशेष परिवार से होना आवश्यक नहीं। यहां साधारण कार्यकर्ता होना ही सबसे बड़ी योग्यता है। इसी संगठन में एक सामान्य परिवार का व्यक्ति देश का प्रधानमंत्री बन सकता है और एक साधारण कार्यकर्ता राष्ट्रीय अध्यक्ष जैसे दायित्व तक पहुँच सकता है। उन्होंने कहा कि एक कार्यकर्ता के रूप में संगठन में जमीनी स्तर से लेकर आज इस दायित्व तक पहुंचना, मेरे लिए सौभाग्य और जिम्मेदारी दोनों है। उन्होंने कहा कि पार्टी के वरिष्ठजनों और करोड़ों कार्यकर्ताओं के अटूट विश्वास और अपार सहयोग से ही यह संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र प्रथम की अवधारणा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान से लेकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद तक, अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्शों से लेकर प्रधानमंत्री मोदी के निर्णायक और दूरदर्शी नेतृत्व में साकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने हमेशा युवा शक्ति पर भरोसा किया है और यह भरोसा केवल नारों तक सीमित नहीं रहा। यह संगठन की संरचना, निर्णय प्रक्रिया और नेतृत्व निर्माण में लगातार दिखाई देता है। श्री नबीन ने युवाओं को राजनीति में आने का आह्वान करते हुये कहा, “राजनीति कोई 100 मीटर की रेस नहीं बल्कि मैराथन है। 100 मीटर की रेस में स्पीड का टेस्ट होता है वहीं मैराथन में स्टेमिना (शक्ति) का परीक्षण होता है। युवाओं को दिये अपने संदेश में उन्होंने कहा कि धैर्य के साथ राजनीति की पिच पर जमे रहने की जरूरत है।”
