रांची। झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा स्थित पुलिस मुख्यालय में 77वां गणतंत्र दिवस गरिमा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर राज्य की पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं।
गणतंत्र दिवस समारोह को संबोधित करते हुए डीजीपी ने कहा कि यह दिवस देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों और संविधान निर्माताओं के त्याग और बलिदान को स्मरण करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि हमें संविधान में निहित मूल्यों, सिद्धांतों और प्रावधानों के प्रति समर्पित रहकर एक मजबूत, समृद्ध और अधिक समावेशी भारत के निर्माण में योगदान देना चाहिए।
डीजीपी ने झारखंड को अपराध और नक्सल मुक्त राज्य बनाने की दिशा में पुलिस की भूमिका को अहम बताया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में झारखंड पुलिस ने अनेक चुनौतियों के बावजूद नक्सल विरोधी अभियानों में बड़ी सफलता हासिल की है। विभिन्न कार्रवाई के दौरान 326 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया, 38 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जबकि 32 नक्सली मुठभेड़ में मारे गए। इसके अलावा आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) द्वारा 30 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें पांच आतंकवादी भी शामिल हैं।
डीजीपी ने बताया कि वर्ष 2025 में अवैध मादक पदार्थों के प्रयोग और तस्करी से जुड़े 706 मामले दर्ज किए गए, 883 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया, लगभग 58 करोड़ 77 लाख रुपये नकद और विभिन्न प्रकार के अवैध मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में 1413 साइबर अपराध के मामले दर्ज हुए, 1268 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया, 90 लाख 88 हजार 400 रुपये नकद और अन्य अवैध सामान जब्त किया गया। इसके अतिरिक्त साइबर अपराध से जुड़े करीब 38 करोड़ 67 लाख रुपये फ्रीज किए गए, जबकि 1 करोड़ 48 लाख 5 हजार 518 रुपये पीड़ितों को वापस दिलाए गए।
पुलिस महानिदेशक ने बताया कि प्रतिबिम्ब ऐप के माध्यम से 140 मामले दर्ज किए गए, 642 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया और 1008 मोबाइल फोन और 1332 सिम कार्ड जब्त किए गए।
डीजीपी तदाशा मिश्रा ने झारखंड पुलिस के अधिकारियों और जवानों की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस बल ने कठिन परिस्थितियों में भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने में उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में झारखंड पुलिस राज्य को और अधिक सुरक्षित और अपराध मुक्त बनाने में सफल होगी।-
