Homeबिहारवर्ष 2005 से पहले बिहार में चलता था अपहरण उद्योग, पूर्णिया था...

वर्ष 2005 से पहले बिहार में चलता था अपहरण उद्योग, पूर्णिया था केंद्र : सम्राट चौधरी

पटना। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि वर्ष 2005 से पहले बिहार में अपहरण उद्योग चलता था और उसका केंद्र पूर्णिया हुआ करता था। उस समय अपराधी वारदात को अंजाम देकर पूर्णिया और सीमांचल के रास्ते दूसरे राज्यों और पड़ोसी देशों की ओर भाग जाते थे। जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में न्याय के साथ विकास और सुशासन की एनडीए सरकार बनी, तब अपराधियों को चुन-चुनकर जेल भेजने का काम किया गया।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ समृद्धि यात्रा के दौरान पूर्णिया और कटिहार पहुंचे उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्णिया के इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस कर रही हैं। वो गांवों में भी बेफिक्र होकर रहती हैं। 2005 से पहले बिहार में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव था। उस समय गांवों में सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाएं नहीं थीं, जिसके कारण लोगों को पलायन करना पड़ता था। तब राज्य में केवल छह हजार किलोमीटर सड़कें थीं और कहा जाता था- सड़क में गड्ढा है या गड्ढे में सड़क।

नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने करीब 1 लाख 40 हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण कराया है। बिहार का बजट कभी छह हजार करोड़ रुपये था, वह आज बढ़कर लगभग साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये का है।

सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य में बिजली के क्षेत्र में भी बड़ा परिवर्तन हुआ है। 2005 से पहले बिहार में केवल 17 लाख बिजली उपभोक्ता थे, अब 2 करोड़ 16 लाख हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में 22 से 24 घंटे बिजली आपूर्ति 125 यूनिट मुफ्त दी जा रही है। इसके कारण लगभग 88 प्रतिशत उपभोक्ताओं का बिजली बिल शून्य आ रहा है।

पूर्णिया में एयरपोर्ट बनने के बाद अब यहां से लोग उड़ान भर रहे हैं। इसके अलावा खगड़िया से पूर्णिया फोरलेन सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है और पूर्णिया से पटना एक्सप्रेसवे का निर्माण भी कराया जा रहा है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा-बुनियादी सुविधाओं के बाद अब बिहार को उद्योग हब बनाने के लिए काम किया जा रहा है। अगले पांच वर्षों में एक करोड़ लोगों को सरकारी नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है।

वहीं कटिहार के प्राणपुर में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पहले पटना से कटिहार आने में लगभग दस घंटे लगते थे, अब चार से पांच घंटे में यह दूरी तय हो जाती है।

उन्होंने बताया कि गोल्डन कॉरिडोर, ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर, पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे और खगड़िया-पूर्णिया फोरलेन जैसी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। कटिहार रेल का प्रमुख केंद्र रहा है और गंगा पुल बनने के बाद यह सड़क मार्ग से भी महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है।

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के माध्यम से करीब दो करोड़ महिलाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। राज्य के सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने की दिशा में भी काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार यात्राओं के माध्यम से जनता से सीधा संवाद करते रहे हैं और उनके मार्गदर्शन में बिहार विकास के रास्ते पर आगे बढ़ता रहेगा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments