रांची। झारखंड की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के विरोध में भारतीय जनता पार्टी के झारखंड के सांसदों ने शुक्रवार को संसद परिसर स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष धरना देकर मौन उपवास किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू के नेतृत्व में सांसदों ने भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग उठाई।
संसद परिसर में प्रदर्शन के बाद आदित्य साहू ने कहा कि भाजपा झारखंड के छात्रों और युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जेपीएससी, जेएसएससी-सीजीएल, उत्पाद सिपाही सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है।
एक अगस्त को सभी जिलों में होगा धरना-प्रदर्शन
आदित्य साहू ने बताया कि छात्र आंदोलन के समर्थन में एक अगस्त को झारखंड के सभी 24 जिलों में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा 31 जुलाई की शाम राज्य के सभी जिलों में मशाल जुलूस निकालने का भी निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा चाहती है कि आंदोलनरत छात्रों को यह महसूस हो कि वे अपनी लड़ाई में अकेले नहीं हैं।
भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के लगाए आरोप
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पिछले छह वर्षों के दौरान राज्य में जेपीएससी, जेएसएससी-सीजीएल, उत्पाद सिपाही सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में लगातार अनियमितताओं और प्रश्नपत्र लीक के मामले सामने आए हैं। उन्होंने दावा किया कि 14वीं जेपीएससी परीक्षा में भी गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं और सरकार ने अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की है।
उन्होंने कांग्रेस पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर युवाओं के अधिकारों की बात करती है, लेकिन झारखंड में भर्ती परीक्षाओं से जुड़े कथित मामलों पर मौन है। साहू ने कहा कि भारी बारिश और सीमित संसाधनों के बावजूद छात्र कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीर पहल नहीं की।
धरना और मौन उपवास कार्यक्रम में आदित्य साहू के अलावा सांसद बीडी राम, विद्युत वरण महतो, डॉ. प्रदीप वर्मा, ढुल्लू महतो, मनीष जायसवाल और कालीचरण सिंह भी शामिल हुए।


