पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार शाम आयोजित बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में छात्रवृत्ति में बढ़ोतरी सहित कुल 31 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
बैठक में कक्षा पहली से 10वीं तक के सरकारी, स्थायी मान्यता प्राप्त एवं स्थापना-स्वीकृत विद्यालयों में अध्ययनरत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति राशि को दोगुना करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए 519.64 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।
इसी तरह मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत छात्रवृत्ति दर भी दोगुनी की गई है। अब कक्षा पहली से चौथी तक 1200 रुपये, पांचवीं और छठी तक 2400 रुपये तथा सातवीं से 10वीं तक के विद्यार्थियों को 3600 रुपये वार्षिक दिए जाएंगे। इसके लिए 1751 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना के तहत वार्षिक पारिवारिक आय सीमा को डेढ़ लाख रुपये से बढ़ाकर तीन लाख रुपये कर दिया गया है। इसके लिए 117 करोड़ 98 लाख 40 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई।
इसके अलावा मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग छात्रावास अनुदान योजना के अंतर्गत मिलने वाली राशि को 1000 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये कर दिया गया है। इस मद में 19 करोड़ 56 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यह भुगतान 01 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा।
कैबिनेट ने भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के नाम पर बक्सर जिले के डुमरांव में संगीत महाविद्यालय की स्थापना के लिए पूर्व स्वीकृत राशि 14.52 करोड़ रुपये को बढ़ाकर 87.81 करोड़ रुपये करने की मंजूरी दी। साथ ही नवगठित उच्च शिक्षा विभाग में सात निश्चय-3 के तहत कार्यों के निष्पादन के लिए 161 पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में 17,000 पदों पर भारतीय सेना एवं केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के सेवानिवृत्त जवानों को सैप बल के रूप में अनुबंध पर रखने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त पटना चिड़ियाघर में टॉय ट्रेन संचालन के लिए 5.81 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।
कैबिनेट बैठक में बिहार उच्च न्याय सेवा संशोधन नियमावली 2026, बिहार असैनिक सेवा भर्ती संशोधन नियमावली 2026 तथा बिहार ज्यूडिशियल ऑफिसर्स कंडक्ट रूल्स 2026 को मंजूरी दी गई।
निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों के लंबित भुगतानों के लिए 500 करोड़ रुपये, बिहार औद्योगिक प्रोत्साहन नीति 2016 के तहत उद्यमियों के लंबित दावों के भुगतान के लिए 1700 करोड़ रुपये, तथा बिहार निवास, नई दिल्ली के पुनर्विकास के लिए 6.01 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।
इसके अतिरिक्त सात निश्चय-3 के अंतर्गत बिहार सेमीकंडक्टर नीति 2026 को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया उपयोग संबंधी दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव बी. राजेंद्र ने बताया कि दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वाले कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भूमि सुधार उपसमाहर्ता के 101 पदों के स्थायी सृजन को भी मंजूरी दी गई। साथ ही भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड एवं राष्ट्रीय सहकारी जैविक लिमिटेड के लिए बिहार राज्य बीज निगम और बिहार स्टेट सीड एंड ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन एजेंसी को राज्य स्तरीय नोडल एजेंसी नामित करने की स्वीकृति दी गई।-
