बिहार में ऊर्जा प्रक्षेत्र में किया जा रहा है 50 हजार करोड़ का निवेश : ऊर्जा मंत्री

पटना। उर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव की उपस्थिति में बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड ने बुधवार को लखीसराय जिले के कजरा में स्थापित 185 मेगावाट सौर ऊर्जा सह 282 मेगावाट-ऑवर बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजना से उत्पादित बिजली आपूर्ति हेतु विद्युत क्रय एकरारनामा किया। इस मौके पर बिेेजेंद्र यादव ने कहा कि बिहार में ऊर्जा प्रक्षेत्र में 50 हजार करोड़ का निवेश होने जा रहा है। मौके पर ऊर्जा मंत्री ने वर्ष 2025 की प्रमुख उपलब्धियों पर आधारित बुकलेट ‘द पॉवर ईयर 2025 -बिहार एनर्जी हाइलाइट्स ‘ का विमोचन भी किया।

ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग से बचने में सौर ऊर्जा एक महत्वपूर्ण योगदान है ।आज का दिन बिहार के लिए ऐतिहासिक है। कजरा सौर ऊर्जा परियोजना से राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी। यह परियोजना बिहार के ऊर्जा क्षेत्र को नई मजबूती देगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल बिजली देने वाली नहीं है, बल्कि हरित ऊर्जा और भविष्य के लिए प्रेरणा भी है। यह निवेश नीति और कार्य हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए भी सहूलियत और सुरक्षा सुनिश्चित करेगी और इसके लिए ऊर्जा विभाग लगातार मेहनत कर रहा है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य के ऊर्जा प्रक्षेत्र में लगभग 50 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है।

ऊर्जा सचिव एवं बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री मनोज कुमार सिंह ने कहा कि आज ऊर्जा विभाग के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। आज पावर परचेज एग्रीमेंट (पीपीए) पर हस्ताक्षर के बाद व्यावसायिक संचालन का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। एक वर्ष में बिहार सरकार की ऊर्जा विभाग ने जो उपलब्धियां हासिल की है वह इस बुकलेट में उल्लेख किया गया है।

उन्होंने पीरपैंती थर्मल पावर प्लांट का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा आयोजित जनसुनवाई के दौरान करीब 3500 लोगों ने पीरपैंती थर्मल पावर प्लांट के निर्माण का स्वागत करते हुए अपनी सहमती दी, जो अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक रहा है। उन्होंने कहा कि समय रहते बाकी कार्यों को नई ऊर्जा और संकल्प के साथ पूरा करेंगे।

साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड एवं बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड (बीएसपीजीसीएल) के प्रबंध निदेशक महेंद्र कुमार ने बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड की टीम काे बधाई देते हुए कहा कि आज का दिन बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि कजरा सोलर पावर परियोजना के लिए एकरारनामा पर हस्ताक्षर केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह बिहार की जनता से किए गए एक वादे की पूर्ति का उत्सव है।

लखीसराय जिले के कजरा में विकसित सौर ऊर्जा संयंत्र इस दिशा में राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बन गया है। यह परियोजना न केवल बिजली उत्पादन में वृद्धि करेगा, बल्कि बिहार को स्वच्छ, निर्बाध एवं निरंतर ऊर्जा देने वाले राज्य बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगा। पहले चरण में 185 मेगावाट सौर ऊर्जा और 282 मेगावाट-आवर बैटरी भंडारण क्षमता का कार्य अंतिम चरण में है। इसके व्यावसायिक संचालन से लखीसराय और उसके आस-पास के जिलों में निरंतर और पर्याप्त बिजली उपलब्ध होगी।

निर्माणाधीन दूसरे चरण में अनुमानित 1,055 करोड़ की लागत से 116 मेगावाट सौर ऊर्जा और 241 मेगावाट-आवर बैटरी क्षमता जोड़ने के बाद जनवरी 2027 तक कजरा संयंत्र की कुल क्षमता 301 मेगावाट सौर ऊर्जा और 523 मेगावाट-आवर बैटरी भंडारण तक पहुंच जाएगा।

उन्होंने कहा कि इससे न केवल ऊर्जा आपूर्ति मजबूत होगा, बल्कि पीक डिमांड के समय भी ग्रिड की स्थिरता बनी रहेगी।

1 जुलाई 2024 को परियोजना का कार्यादेश जारी हुआ और 18 महीने से भी कम समय में 31 दिसंबर 2025 को यह परियोजना 132 केवी ग्रिड से सफलतापूर्वक जुड़ गई। यह उपलब्धि बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड (बीएसपीजीसीएल) और ऊर्जा विभाग में बेहतर समन्वय और समय पर काम पूरा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह परियोजना बिहार में 24×7 नवीकरणीय ऊर्जा की दिशा में एक ठोस कदम है।

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