अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों का बुधवार को पांचवां दिन है और युद्ध थमता नजर नहीं आ रहा। डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि कार्रवाई और लंबी खिंच सकती है। अमेरिका और इजराइल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई जारी है, वहीं इजराइल ने हमले का दायरा बढ़ाते हुए लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों को भी निशाना बनाया है।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बेरूत और दक्षिणी लेबनान में हुए हमलों में कम से कम 52 लोगों की मौत हुई है, जबकि 154 लोग घायल बताए गए हैं। दूसरी ओर, ईरान ने मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और दूतावासों को निशाना बनाना जारी रखा है। अमेरिकी दूतावास पर हमले के बाद ट्रंप ने “अत्यंत कठोर जवाब” देने का ऐलान किया है।
ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अनुसार, देश में मरने वालों की संख्या 800 के करीब पहुंच गई है। पिछले चार दिनों से ईरान इजराइल और खाड़ी देशों में जवाबी कार्रवाई कर रहा है। कतर में ऊर्जा प्रतिष्ठानों और सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास को भी निशाना बनाए जाने की खबर है।
युद्ध का दायरा बढ़ने, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबरों और किसी स्पष्ट कूटनीतिक समाधान के अभाव ने लंबे संघर्ष की आशंका बढ़ा दी है। पूरे मिडिल ईस्ट में हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। कई प्रमुख एयरपोर्ट पर उड़ान संचालन सीमित या बंद कर दिया गया है।
दुबई जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली जगहों पर भी हमलों की खबरों से दहशत का माहौल है। ईंधन की कीमतों में तेजी आई है और वैश्विक बाजारों पर भी असर दिखने लगा है। इस बीच अमेरिकी विदेश विभाग ने सुरक्षा जोखिमों के मद्देनजर अपने नागरिकों से एक दर्जन से अधिक मिडिल ईस्ट देशों को छोड़ने की अपील की है।
बढ़ता युद्ध अब केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।
