रांची। झारखंड उच्च न्यायालय ने रांची के अरगोड़ा से नयासराय सड़क के पास स्थित छह मुहल्लों (राजेंद्र नगर, सिद्धि विनायक नगर, महुआ टोली, बेथलेहम नगर, धर्म कॉलोनी, लक्ष्मी नगर) में सड़क-नाली निर्माण के स्वतः संज्ञान मामले में महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं।
चीफ जस्टिस एमएस सोनक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने हस्तक्षेपकर्ता अधिवक्ता शुभम कटारुका के सुझाव पर ग्रामीण विकास विभाग को 30 अप्रैल तक मोहल्ला सड़क का डीपीआर स्वीकृत करने का आदेश दिया। इसके साथ ही अदालत ने कहा कि विभाग आवश्यक टेंडर प्रक्रिया पूरी कर सड़क निर्माण कार्य 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करे। हस्तक्षेपकर्ता ने अदालत को बताया कि जो डीपीआर वर्ष 2023 का बनाया गया है उसमें सड़क की चौड़ाई 12 फीट रखी गई है जो काफी कम है, इसमें तो दो कार का एक साथ चलना कठिन है। ऐसे में इस सड़क की चौड़ाई बढ़ाने का भी आदेश दिया जाए। कोर्ट ने इस संदर्भ में सरकार को याचिकाकर्ता के इस सुझाव पर भी विचार करने को कहा है।
दरअसल, हस्तक्षेपकर्ता की ओर से पिछली सुनवाई में कोर्ट को बताया गया था कि अरगोड़ा से नयासराय रोड के पास स्थित छह मुहल्ले राजेंद्र नगर, सिद्धि विनायक नगर, महुआ टोली, बेथलेहम नगर, धर्म कॉलोनी, लक्ष्मी नगर सहित अन्य मुहल्लों के सैकड़ों लोग बिना सड़क-नाली के रह रहे हैं। यहां की सड़क कच्ची है, मुख्य सड़क जाने वाले सड़क भी कच्ची है, जिससे सड़क में गड्ढे हो जाते हैं। इन सड़कों को दुरुस्त कराया जाए।
