HomeE-Paperमुख्यमंत्री के नेतृत्व में औद्योगिक पुनर्जागरण काम शुरू: मंगल पांडेय

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में औद्योगिक पुनर्जागरण काम शुरू: मंगल पांडेय

  • बताया कि ‘विकसित बिहार’ की ओर सशक्त कदम उठाया गया है

पटना।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के दूरदर्शी सोच से राज्य औद्योगीकरण, तकनीकी नवाचार और बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण के स्वर्णिम युग में प्रवेश कर चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में ‘सुशासन से समृद्धि’ के मंत्र को साकार करते हुए सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने विकास कार्यों की जो श्रृंखला शुरू की है, वह हर बिहारी के लिए गौरव का विषय है।

मंगल पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक वर्ष में 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश बिहार में लाने का ऐतिहासिक संकल्प लिया है। 8000 एकड़ औद्योगिक भूमि अधिग्रहित की जा चुकी है और अगले चरण में 10 हजार एकड़ अतिरिक्त भूमि तैयार होगी। इससे टेक्सटाइल, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटो सेक्टर के बड़े उद्योग स्थापित होंगे। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में बिहार आज देश के अग्रणी राज्यों में शुमार हो रहा है। बिहार मक्का, मखाना, केला और लीची का सबसे बड़ा उत्पादक है। इसी क्षमता को पहचानते हुए सरकार 5 मेगा फूड पार्क और 100 एमएसएमई पार्क स्थापित कर रही है। बिहटा में अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी सेंटर का शुभारंभ हो चुका है, इससे युवाओं को रोजगार मिलेगा वहीं प्रदेश में किसान की आय दोगुनी हो रही है।

मंगल पांडेय ने कहा कि पटना, गया और भागलपुर के दबाव को कम करने के लिए 11 नए सैटेलाइट व ग्रीनफील्ड टाउनशिप का रोडमैप तैयार है। नागरिक उड्डयन को ऊ मानचित्र पर आएगा। ‘अर्बन नक्शा’ को पूरी तरह डिजिटल कर पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है। हर प्रखंड में डिग्री कॉलेज और मॉडल स्कूल खोलकर तकनीकी शिक्षा के संकल्प को जमीन पर उतारा जा रहा है। इससे गांव का बच्चा भी ग्लोबल तकनीक से जुड़ेगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साबित किया है कि बिहार अब ‘बीमारू’ नहीं, ‘बेमिसाल’ राज्य है।

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