झाड़ग्राम : पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम नगरपालिका में गुरुवार को बोर्ड बैठक के बाद अचानक भारी तनाव की स्थिति पैदा हो गई। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पार्षदों ने आरोप लगाया है कि बैठक समाप्त होने के बाद जब वे नगरपालिका भवन से बाहर निकल रहे थे, तब कुछ अज्ञात उपद्रवियों ने उन्हें घेर लिया, उनके साथ मारपीट की और उन पर अंडे फेंके। इस घटना के बाद से इलाके में राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है।
‘चोर-चोर’ के नारों के बीच बीच में ही रोकनी पड़ी बैठक
मिली जानकारी के अनुसार, झाड़ग्राम नगरपालिका की विभिन्न विकास योजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए नगरपालिका अध्यक्ष शिउली सिंह ने गुरुवार दोपहर बाद एक बोर्ड बैठक बुलाई थी। इस बैठक में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष समेत कुल 10 पार्षद मुख्य रूप से मौजूद थे। बैठक शुरू हुए अभी कुछ ही समय बीता था कि अचानक नगरपालिका भवन के बाहर भारी संख्या में लोग इकट्ठा होने लगे। बाहर मौजूद भीड़ ने नगरपालिका प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी और ‘चोर-चोर’ के नारे लगाने लगे। बाहर का माहौल तेजी से बिगड़ता देख और तनाव बढ़ता देख बैठक को बीच में ही रोकना पड़ा।
पुलिस ने पार्षदों को सुरक्षित निकाला, भाजपा ने आरोपों को नकारा
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आया और सुरक्षा घेरा तैयार किया।
झाड़ग्राम के पुलिस अधीक्षक मानव सिंगला ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंच गया था। पुलिस ने सूझबूझ से काम लेते हुए नगरपालिका अध्यक्ष और सभी पार्षदों को उग्र भीड़ के बीच से सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें उनके गंतव्य तक पहुंचाया।
घटना को लेकर झाड़ग्राम नगरपालिका की अध्यक्ष शिउली सिंह ने अपनी बात रखी।
शहर के विकास संबंधी जरूरी मुद्दों पर चर्चा के लिए यह बैठक बुलाई गई थी, लेकिन बाहर अप्रत्याशित रूप से बड़ी संख्या में लोगों के जुटने और हंगामा करने के कारण बैठक को पूरा नहीं किया जा सका। बाद में पुलिस प्रशासन के सहयोग से सभी पार्षदों को सुरक्षित घर पहुंचाया गया।
दूसरी ओर, विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तृणमूल कांग्रेस द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। भाजपा के जिला उपाध्यक्ष देवाशीष कुंडू ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि क्षेत्र की जनता के भीतर तृणमूल संचालित इस नगरपालिका के कामकाज और भ्रष्टाचार के खिलाफ गहरा असंतोष है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा किसी भी प्रकार की हिंसा या मारपीट का समर्थन नहीं करती है, यह केवल नगरपालिका प्रशासन के प्रति आम लोगों के आक्रोश की एक स्वाभाविक और स्वतःस्फूर्त अभिव्यक्ति थी।
