जयपुर : राजस्थान में मानसून के औपचारिक आगमन से पहले ही प्री-मानसून की गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है। गुरुवार शाम से ही प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। मौसम में आए इस अचानक बदलाव से जहां प्रदेशवासियों को पिछले कई दिनों से जारी भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है, वहीं आंधी और तूफान के कारण हुए हादसों में भरतपुर और भीलवाड़ा जिलों में दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
दीवार और टिनशेड गिरने से हुए दर्दनाक हादसे
मौसम में आए इस अचानक बदलाव के बीच प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से जनहानि की दुखद खबरें सामने आई हैं। भरतपुर जिले के नदबई क्षेत्र अंतर्गत झोरोल गांव में गुरुवार देर रात तेज अंधड़ के कारण एक निर्माणाधीन दीवार अचानक ढह गई। इस मलबे में दबने से 55 वर्षीय इंद्रा देवी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथ बैठे उनके दिव्यांग पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए। दूसरी घटना भीलवाड़ा जिले के बिजौलिया क्षेत्र की है, जहां जाबदा गांव के रहने वाले 45 वर्षीय देवीलाल धाकड़ के गले पर तेज हवा में उड़कर आई लोहे की चादर लग गई, जिससे उनकी जान चली गई। इसी क्षेत्र में एक फल विक्रेता भी घायल हुआ है और टिनशेड गिरने से एक मवेशी की भी मौत हो गई है।
मौसम विभाग का अलर्ट: 14 जिलों में ऑरेंज और 8 में येलो अलर्ट
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, आगामी दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा और प्री-मानसून की सक्रियता और बढ़ेगी।
राजस्थान में मानसून के जुलाई के पहले सप्ताह में पहुंचने की उम्मीद है, लेकिन उससे पहले पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान में प्री-मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने 7 जून तक राज्य के कई हिस्सों में आंधी, तेज हवाओं और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसी क्रम में शुक्रवार को राज्य के 14 जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ और 8 जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ घोषित किया गया है।
राजधानी जयपुर समेत कई इलाकों में रातभर थमी नहीं रफ्तार
गुरुवार दोपहर के बाद से ही झुंझुनूं, हनुमानगढ़, चूरू और बीकानेर संभाग के कई इलाकों में धूलभरी आंधी के साथ बारिश दर्ज की गई। हनुमानगढ़ के नोहर और चूरू के तारानगर क्षेत्र में तूफानी बारिश के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। राजधानी जयपुर में भी गुरुवार रात से शुरू हुआ रुक-रुककर बारिश का सिलसिला शुक्रवार सुबह तक जारी रहा। जयपुर के सांगानेर, प्रतापनगर, सीतापुरा और वाटिका क्षेत्रों में सुबह तक बूंदाबांदी होती रही, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
उमस ने बढ़ाई बेचैनी, पश्चिमी राजस्थान में अब भी पारा हाई
बारिश के बाद पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान के वातावरण में नमी की मात्रा काफी बढ़ गई है। जयपुर, कोटा, उदयपुर और चित्तौड़गढ़ जैसे क्षेत्रों में आर्द्रता (ह्यूमिडिटी) का स्तर 50 से 70 प्रतिशत के बीच पहुंच गया है, जिससे लोगों को चिपचिपी उमस का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर, इस बदरा बरसने के बीच पश्चिमी राजस्थान के जिलों में अब भी सूर्यदेव के तेवर तीखे बने हुए हैं। गुरुवार को श्रीगंगानगर 44.1 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म इलाका रहा। इसके अलावा चूरू, जैसलमेर, फलोदी और पिलानी में भी पारा 42 से 43 डिग्री के पार दर्ज किया गया।
