कडलूर : तमिलनाडु के कडलूर और पुडुचेरी से समुद्र में मछली पकड़ने गए तीन मछुआरे पिछले कई दिनों से लापता हैं। उनका कोई सुराग नहीं मिलने से परिजनों और स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय तटरक्षक बल, मत्स्य विभाग और अन्य एजेंसियों ने व्यापक खोज एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, कडलूर जिले के सी. पुदुपेट्टई शन्मुगा नगर निवासी रवि उर्फ रमेश (28), मनोहर (27) और पुडुचेरी के अनाथा सिद्दीक कुलम क्षेत्र निवासी नागवेल (40) दो जून को दोपहर करीब 2:30 बजे मछली पकड़ने के लिए समुद्र में निकले थे। तीनों मछुआरे इंद्रानगर निवासी वीरवेल की फाइबर नाव से समुद्र में गए थे।
सामान्य परिस्थितियों में उन्हें अगले दिन तट पर लौट आना चाहिए था, लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बावजूद उनके वापस नहीं आने पर परिजनों ने चिंता जताई। संपर्क न होने पर स्थानीय मछुआरों ने भी अपने स्तर पर समुद्र में खोजबीन शुरू की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
मछुआरों का पता नहीं चलने से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने शनिवार को परंगीपेट्टई के निकट अन्नंगोविल क्षेत्र में सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से खोज अभियान तेज करने और सभी उपलब्ध संसाधनों को लगाने की मांग की।
सूचना मिलने पर मत्स्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि लापता मछुआरों की तलाश के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।
इस बीच भारतीय तटरक्षक बल ने समुद्र के विभिन्न हिस्सों में व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। संभावित समुद्री मार्गों की निगरानी की जा रही है और लगातार तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। स्थानीय मछुआरा संगठनों ने खोज अभियान में हेलीकॉप्टर को भी शामिल करने की मांग की है, ताकि समुद्र के बड़े क्षेत्र की हवाई निगरानी कर मछुआरों का जल्द पता लगाया जा सके।
अधिकारियों के अनुसार लापता मछुआरों की तलाश लगातार जारी है। फिलहाल किसी दुर्घटना, तकनीकी खराबी या प्रतिकूल मौसम संबंधी कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन और बचाव एजेंसियां सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच और खोज अभियान चला रही हैं।
