कोलकाता : पश्चिम बंगाल में रेल और मेट्रो परियोजनाओं को नई गति देने के उद्देश्य से केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के बीच शनिवार को राज्य सचिवालय नबान्न में महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में रेल नेटवर्क विस्तार, मेट्रो परियोजनाओं और आधारभूत संरचना विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई।
बैठक के बाद आयोजित संयुक्त पत्रकार वार्ता में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पश्चिम बंगाल में रेल विकास के लिए अब अनुकूल माहौल बन रहा है और केंद्र तथा राज्य के बीच बेहतर समन्वय से विभिन्न परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व में कई रेल परियोजनाएं अनुमति और कानूनी अड़चनों के कारण प्रभावित हुई थीं, लेकिन अब स्थिति में सुधार हो रहा है।
रेल मंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि भविष्य में दिल्ली से सिलिगुड़ी तक बुलेट ट्रेन चलाने की योजना पर काम किया जा रहा है। प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर दिल्ली, लखनऊ और पटना होते हुए सिलिगुड़ी तक पहुंचेगा। इसके शुरू होने से दिल्ली से सिलिगुड़ी की यात्रा लगभग छह घंटे में पूरी की जा सकेगी, जिससे पूर्वी भारत की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आएगा।
उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल में रेलवे ढांचे को मजबूत करने के लिए 538 फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण प्रस्तावित है। इसके अलावा 40 से अधिक अंडरपास परियोजनाओं के लिए आवश्यक एनओसी भी प्राप्त हो चुकी है, जिससे निर्माण कार्यों में तेजी आएगी।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर के 102 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, जिनमें पश्चिम बंगाल के कई प्रमुख स्टेशन भी शामिल हैं। साथ ही गोपीबल्लभपुर-नयाग्राम रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में भी काम किया जाएगा, जिससे ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों को बेहतर रेल संपर्क मिल सकेगा।
रेल मंत्री के अनुसार पश्चिम बंगाल में रेल क्षेत्र के विकास के लिए एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है। वहीं कोलकाता मेट्रो नेटवर्क को और आधुनिक बनाने के लिए अगले पांच वर्षों में करीब 60 नई पीढ़ी की मेट्रो ट्रेनों को शामिल किया जाएगा, जिससे यात्रियों को बेहतर और तेज परिवहन सुविधा मिल सकेगी।
बैठक को पश्चिम बंगाल में रेल और परिवहन क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे राज्य में आधारभूत संरचना को मजबूती मिलने और कनेक्टिविटी में व्यापक सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
