रांची: मानसून की पहली तेज बारिश ने जहाँ एक तरफ लोगों को गर्मी से राहत दी, वहीं दूसरी तरफ रांची नगर निगम की तैयारियों की कड़ी परीक्षा भी ली। गुरुवार को हुई मूसलाधार बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में जलजमाव और पेड़ गिरने के कारण यातायात प्रभावित हुआ। हालांकि, निगम की क्विक रिस्पांस टीम (QRT) ने मुस्तैदी दिखाते हुए मोर्चा संभाला और स्थिति को तुरंत सामान्य किया।
सुपर सकर मशीनों से निकाला गया पानी
नगर निगम को सेवा सदन और बड़ा तालाब समेत कुछ प्रमुख इलाकों में जलजमाव की शिकायतें मिली थीं। सूचना मिलते ही निगम ने सुपर सकर और डी-सिल्टिंग मशीनों को काम पर लगाया और जल्द से जल्द जल निकासी सुनिश्चित की।
इसके अलावा, राजेंद्र चौक, कचहरी, अशोक नगर, सेंट जॉन्स स्कूल के पास, मेकॉन और कडरू सहित करीब 14 स्थानों पर भारी बारिश के कारण पेड़ या उनकी शाखाएं टूटकर गिर गई थीं। निगम की टीम ने इन्हें हटाकर रास्तों को साफ किया और यातायात बहाल कराया।
प्री-मानसून सफाई का दिखा असर
निगम अधिकारियों के मुताबिक, मानसून के आगमन से पहले ही शहर के बड़े नालों की सफाई और गाद निकालने (डी-सिल्टिंग) का काम पूरा कर लिया गया था। यही वजह रही कि कोकर महावीर नगर, खोरहाटोली, पंचशील नगर, हरमू नदी क्षेत्र, निवारणपुर और हिंदपीढ़ी जैसे संवेदनशील इलाकों में भारी बारिश के बावजूद इस बार बड़ा जलजमाव देखने को नहीं मिला।
रेबीज नियंत्रण के लिए बेड़े में शामिल हुए दो नए वाहन
जल निकासी के साथ-साथ नगर निगम ने शहर में आवारा कुत्तों के रेस्क्यू, नसबंदी और टीकाकरण अभियान को भी रफ्तार दी है। महापौर रोशनी खलखो और उपमहापौर नीरज कुमार ने दो नए डॉग कैचिंग वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
गाड़ियों की खासियत: लगभग 18 लाख रुपये की लागत से तैयार इन आधुनिक वाहनों में कुत्तों को सुरक्षित रखने के लिए 12 अलग-अलग कंपार्टमेंट बनाए गए हैं। नए वाहनों के आने के बाद अब निगम के पास कुल 4 डॉग कैचिंग वाहन हो गए हैं, जिससे विभिन्न वार्डों में अभियान तेज किया जा सकेगा।
आपातकाल के लिए जारी हुआ टोल-फ्री नंबर
महापौर रोशनी खलखो ने स्पष्ट किया कि बारिश के मौसम में जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त रखना और रेबीज नियंत्रण पर काम करना निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है। निगम ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि शहर में कहीं भी जलजमाव, नाली जाम या पेड़ गिरने जैसी समस्या हो, तो वे तुरंत टोल-फ्री नंबर 1800-570-1235 पर सूचना दें ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।
