नई दिल्ली : अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) ने अफगानिस्तान प्रीमियर लीग (एपीएल) के पहले सत्र की आधिकारिक घोषणा कर दी है। यह प्रतियोगिता 27 दिसंबर 2026 से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में शुरू होगी। बोर्ड ने इसे अफगान क्रिकेट के लिए एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक और खेल परियोजना बताया है।
लीग में कुल पांच फ्रेंचाइजी टीमें हिस्सा लेंगी, जो काबुल, कंधार, बल्ख, पक्तिया और नंगरहार क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करेंगी। एसीबी ने दुनिया भर के निवेशकों, खेल उद्यमियों और व्यावसायिक साझेदारों को फ्रेंचाइजी स्वामित्व प्रक्रिया में भाग लेने का आमंत्रण दिया है। इच्छुक पक्षों को 30 जून तक अपने प्रस्ताव जमा करने होंगे।
अफगानिस्तान ने हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तेजी से पहचान बनाई है। राष्ट्रीय टीम के साथ-साथ देश के कई खिलाड़ी दुनिया की प्रमुख टी-20 प्रतियोगिताओं में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी सफलता को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से एपीएल की शुरुआत की जा रही है।
अफगान क्रिकेट को मिलेगा नया मंच
एसीबी का मानना है कि यह लीग केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं होगी, बल्कि अफगान क्रिकेट को वैश्विक पहचान दिलाने का माध्यम बनेगी। शुरुआती चरण में निवेश करने वाले फ्रेंचाइजी मालिकों को अपनी टीम की ब्रांड पहचान विकसित करने, व्यावसायिक साझेदारियां बढ़ाने और दीर्घकालिक प्रशंसक आधार तैयार करने का अवसर मिलेगा।
विश्वस्तरीय सुविधाओं का मिलेगा लाभ
संयुक्त अरब अमीरात में आयोजन होने से प्रतियोगिता को विश्वस्तरीय स्टेडियम, आधुनिक प्रसारण सुविधाएं, पेशेवर उत्पादन व्यवस्था और बड़े क्षेत्रीय दर्शक वर्ग का लाभ मिलेगा। अफगानिस्तान के उभरते खिलाड़ियों के साथ विदेशी खिलाड़ियों की मौजूदगी भी लीग को और आकर्षक बनाएगी।
दीर्घकालिक विकास पर फोकस
एसीबी अध्यक्ष मिरवाइस अशरफ ने कहा कि अफगानिस्तान प्रीमियर लीग अफगान क्रिकेट के लिए एक रणनीतिक कदम है। इसका उद्देश्य एक ऐसी स्थायी क्रिकेट संपत्ति तैयार करना है, जो अफगान प्रतिभाओं को मंच दे, अंतरराष्ट्रीय निवेश आकर्षित करे और खेल के दीर्घकालिक विकास में योगदान दे।
उन्होंने कहा कि बोर्ड का लक्ष्य खिलाड़ियों के लिए नए अवसर पैदा करना, देश की क्रिकेट संरचना को मजबूत बनाना और अफगान संस्कृति को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाना है।
