Homeराष्ट्रीयसमुद्र में बढ़ी हलचल: आखिर वियतनाम क्यों पहुंचे भारतीय युद्धपोत?

समुद्र में बढ़ी हलचल: आखिर वियतनाम क्यों पहुंचे भारतीय युद्धपोत?

नई दिल्ली। ईस्टर्न फ्लीट के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग रियर एडमिरल आलोक आनंद के नेतृत्व में युद्धपोत आईएनएस उदयगिरि, एक स्टेल्थ फ्रिगेट और आईएनएस कवरत्ती, एक एंटी-सबमरीन वारफेयर कॉर्वेट 22 जून को वियतनाम पहुंचे। दोनों नौसेनाएं इस दौरान परिचालन योजना चर्चाओं और ऑन-बोर्ड ब्रीफिंग सहित व्यावसायिक बातचीत के व्यापक दायरे में भाग लेंगी, जिसका उद्देश्य अंतर-संचालन और आपसी समझ को मजबूत करना है। इसके अतिरिक्त इस यात्रा में कई सामुदायिक और सांस्कृतिक आउटरीच गतिविधियां, मैत्रीपूर्ण खेल कार्यक्रम और निर्देशित जहाज यात्राएं होंगी। इस बीच वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बातचीत भी तय है, जिससे नजरिए शेयर करने और दोनों देशों के बीच नेवल कोऑपरेशन को और मजबूत करने का मौका मिलेगा। नौसेना के कैप्टन विवेक मधवाल ने बताया कि यह तैनाती मई में दोनों देशों के बीच रिश्तों को उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी में बदले जाने के बाद से वियतनाम में भारतीय नौसेना की पहली बड़ी मौजूदगी है। वियतनाम की यह यात्रा दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में नियम आधारित, समावेशी समुद्री व्यवस्था को आगे बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगी। दोनों नौसेनाओं के बीच बैठकों में समुद्री सहयोग, क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों और विशेष रूप से नौसेना क्षेत्र में रक्षा सहयोग को बढ़ाने पर विचारों का आदान-प्रदान होगा। भारतीय नौसेना ने ऑपरेशनल तैनाती के हिस्से के तौर पर देश में डिजाइन और निर्मित तीन जहाजों को वियतनाम भेजा है, जो हो ची मिन्ह सिटी के न्हा रोंग बंदरगाह पर पहुंच गए हैं। इन जहाजों का वियतनाम पीपुल्स नेवी के लोगों, पीपुल्स कमेटी के प्रतिनिधियों और बंदरगाह के अधिकारियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस स्वागत से दोनों नौसेनाओं के बीच करीबी, पुराने संबंधों और भारत और वियतनाम के बीच बढ़ती समुद्री साझेदारी का पता चला।

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