नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार सुबह राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर देश के बुनकरों और कारीगरों को शुभकामनाएं दीं तथा भारत की समृद्ध और जीवंत हथकरघा परंपरा को नमन किया। उन्होंने कहा कि देश के बुनकरों ने पीढ़ियों से इस अमूल्य विरासत को सहेजकर रखा है और अपनी कला, रचनात्मकता तथा समर्पण से भारतीय परंपराओं को समृद्ध बनाया है।

प्रधानमंत्री ने सामाजिक माध्यम मंच एक्स पर लिखा कि आज राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर हम भारत की समृद्ध और जीवंत हथकरघा विरासत का उत्सव मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के बुनकरों और कारीगरों के कौशल, रचनात्मकता और समर्पण को सलाम है, जिन्होंने पीढ़ियों से हमारी परंपराओं को संजोया और उन्हें नई पहचान दी है।
हथकरघा क्षेत्र ग्रामीण सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत का महत्वपूर्ण आधार
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार हथकरघा क्षेत्र को लगातार प्रोत्साहन देती रहेगी, क्योंकि यह ग्रामीण सशक्तिकरण, महिला नेतृत्व वाले विकास और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर अपने पसंदीदा हथकरघा उत्पादों और जीआरडब्ल्यूएम वीडियो को साझा करें, ताकि इस क्षेत्र से जुड़े बुनकरों और कारीगरों का उत्साह बढ़ाया जा सके।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में जीआरडब्ल्यूएम का भी उल्लेख किया है। इसका अर्थ ‘गेट रेडी विद मी’ यानी ‘मेरे साथ तैयार हो जाओ’ होता है। यह सामाजिक माध्यम पर लोकप्रिय वीडियो प्रारूप है, जिसमें लोग किसी विशेष दिन, कार्यक्रम या अवसर की तैयारी करते हुए अपने अनुभव दर्शकों के साथ साझा करते हैं।
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