गुवाहाटी। असम अभी हालिया बाढ़ की त्रासदी से पूरी तरह उबर भी नहीं पाया है कि राज्य के कई हिस्सों में एक बार फिर बाढ़ का खतरा गहरा गया है। ऊपरी असम के शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिले सबसे अधिक प्रभावित बताए जा रहे हैं। राज्य सरकार के मंत्री प्रभावित जिलों का दौरा कर राहत और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं तथा प्रशासन को अभियान तेज करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वेक्षण 9 अगस्त से शुरू किया जाएगा। सरकार ने प्रारंभिक सहायता के रूप में प्रत्येक प्रभावित परिवार को 15 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी है, जबकि मृतकों के परिजनों को 9 लाख रुपये की राहत राशि प्रदान की जा रही है।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा 6 अगस्त को जारी आंकड़ों के अनुसार, धनसिरि नदी के नुमलीगढ़ क्षेत्र में जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। इस बीच राहत और बचाव अभियान के दौरान गुरुवार को गोलाघाट जिले में एक और उदालगुरी जिले में एक शव बरामद किया गया। इसके साथ ही राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 96 हो गई है।
15 जिले अब भी बाढ़ से प्रभावित
वर्तमान में राज्य के 15 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। इनमें गोलाघाट, शिवसागर, उदालगुरी, कामरूप (मेट्रो), नगांव, कामरूप, दरंग, शोणितपुर, होजाई, लखीमपुर, बिश्वनाथ, जोरहाट, चराईदेव, कार्बी आंगलोंग और धेमाजी शामिल हैं। इन जिलों के 39 राजस्व मंडलों के कुल 481 गांव प्रभावित हैं। राज्य की लगभग 1,68,701 आबादी अभी भी बाढ़ से प्रभावित है, जबकि 14,382.26 हेक्टेयर कृषि भूमि पानी में डूबी हुई है।
प्रभावित लोगों की सहायता के लिए राज्य में अभी भी 50 राहत शिविर और 83 राहत वितरण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। राहत शिविरों में 10,111 लोग आश्रय लिए हुए हैं, जबकि राहत वितरण केंद्रों के माध्यम से 35,596 गैर-शिविर निवासियों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। शिवसागर जिले में 38 कच्चे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि दो पक्के मकान भी पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। इसके अलावा 285 कच्चे मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।
राज्य के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान के लिए एसडीआरएफ, सेना, अर्धसैनिक बल, एनडीआरएफ, डीडीआरएफ, वायु सेना, पुलिस, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं, सर्कल कार्यालय, स्थानीय प्रशासन, नागरिक सुरक्षा, प्रशिक्षित स्वयंसेवक और अग्निशमन विभाग की टीमें लगातार तैनात हैं। बाढ़ के कारण सड़कों, पुलों और अन्य आधारभूत ढांचों को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है। राज्य सरकार का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में हर संभव सहायता पहुंचाई जा रही है।


