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ओलंपिक दिवस पर खेल को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान: सुनील सहाय

रांची। ओलंपिक दिवस के अवसर पर झारखंड ओलंपिक एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट सुनील सहाय ने खिलाड़ियों और राज्यवासियों को शुभकामनाएं देते हुए खेल को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ओलंपिक दिवस केवल खेल का उत्सव नहीं, बल्कि मानवता, एकता और भाईचारे का प्रतीक है।

खेल जोड़ता है दुनिया को

सुनील सहाय ने कहा कि 23 जून 1894 को पेरिस में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति की स्थापना दुनिया को खेलों के माध्यम से जोड़ने के उद्देश्य से की गई थी। ओलंपिक के पांच रिंग पांच महाद्वीपों का प्रतिनिधित्व करते हैं और यह संदेश देते हैं कि रंग, जाति, धर्म और देश की सीमाओं से ऊपर उठकर खेल लोगों को एकजुट करता है।

उन्होंने कहा कि ओलंपिक के तीन मूल मंत्र उत्कृष्टता, सम्मान और मित्रता हैं। उत्कृष्टता का अर्थ स्वयं को लगातार बेहतर बनाना, सम्मान का अर्थ प्रतिद्वंद्वी, नियम और स्वयं का आदर करना तथा मित्रता का अर्थ खेलों के माध्यम से भाईचारा बढ़ाना है।

स्वस्थ जीवन के लिए खेल जरूरी

उन्होंने कहा कि ओलंपिक दिवस की थीम हर व्यक्ति को सक्रिय जीवनशैली अपनाने का संदेश देती है। रोजाना कम से कम 30 मिनट दौड़ना, योग करना या साइकिल चलाना स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन के लिए आवश्यक है।

बच्चों को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि नीरज चोपड़ा और पीवी सिंधु जैसी प्रतिभाएं हर बच्चे के भीतर मौजूद हैं, जरूरत केवल मेहनत और समर्पण की है। वहीं अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों को हारने और सीखने का अवसर दें, क्योंकि हार ही जीत का रास्ता दिखाती है।

खिलाड़ियों को मिले सम्मान और सहयोग

सुनील सहाय ने कहा कि खिलाड़ियों को केवल बड़े आयोजनों के दौरान याद करने के बजाय उनकी वर्षों की मेहनत और संघर्ष में भी सहयोग करना चाहिए। उन्होंने समाज से खिलाड़ियों को सुविधाएं और सम्मान देने की अपील की।

उन्होंने कहा कि भारत को केवल पदक तालिका में ही नहीं, बल्कि खेल संस्कृति में भी अग्रणी बनना होगा। ओलंपिक दिवस पर सभी को फिट रहने, खेल भावना अपनाने और प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का संकल्प लेना चाहिए।

ओलंपियन बनने के लिए ओलंपिक में जाना जरूरी नहीं

अपने संदेश के अंत में उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति रोज अपनी सीमाओं को तोड़ने का प्रयास करता है, हार के बाद भी हिम्मत नहीं हारता और लगातार आगे बढ़ता रहता है, वह भी एक सच्चा ओलंपियन है।

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