डोभाल से मुलाकात के बाद चीन का बड़ा संदेश, क्या है असली रणनीति?

नई दिल्ली। चीनी राजदूत शू फेइहोंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि यहां हुई बैठक में वांग यी ने यह भी कहा कि दोनों पक्षों को एक‑दूसरे के मूल हितों का सम्मान करना चाहिए और संवेदनशील मुद्दों को उचित तरीके से संभालना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि सीमा मुद्दे को द्विपक्षीय संबंधों की समग्र स्थिति को प्रभावित करने वाली स्थिति में नहीं रखा जाना चाहिए। वांग यी ने कहा कि दोनों देशों को समाज के सभी वर्गों को सही समझ विकसित करने के लिए सक्रिय रूप से मार्गदर्शन करना चाहिए और जनमत तथा सामाजिक आधार को मजबूत करना चाहिए, ताकि द्विपक्षीय संबंधों में सुधार हो सके। उन्होंने भारत की ब्रिक्स की अध्यक्षता का समर्थन करते हुए कहा कि चीन भारत के साथ मिलकर ब्रिक्स तंत्र के विकास और विस्तार को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात के बाद कहा कि चीन और भारत को द्विपक्षीय संबंधों को दीर्घकालिक दृष्टिकोण से देखने के साथ‑साथ वैश्विक परिप्रेक्ष्य से भी सहयोग को बढ़ावा देना चाहिए। दोनों देशों को अपने नेताओं के बीच बनी सहमति को ठोस कदमों के जरिए लागू करना चाहिए, ताकि सहयोग के माध्यम से विकास और पुनरुत्थान को गति दी जा सके और ग्लोबल साउथ के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया तेज हो।

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