रांची। झारखंड में मॉनसून की दस्तक से पहले ही आकाशीय बिजली कहर बनकर टूट रही है। गुरुवार को राज्य के अलग-अलग जिलों में आंधी-बारिश के दौरान ठनका गिरने से 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब डेढ़ दर्जन लोग झुलस गए। मौसम विभाग ने शुक्रवार और शनिवार को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज हवा, गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार 28 जून से झारखंड में मॉनसून सक्रिय होने की संभावना है, जिससे राज्यभर में अच्छी बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार पलामू, चतरा, गढ़वा और लातेहार को छोड़कर राज्य के अधिकांश जिलों में अगले दो दिनों तक कहीं-कहीं तेज बारिश, आंधी और वज्रपात की आशंका बनी रहेगी। लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की गई है।
चतरा जिले में सबसे अधिक तीन लोगों की मौत हुई। इनमें मयूरहंड के महुगाई गांव की सरोज देवी, सेवाल गांव के सहदेव ठाकुर और लावालौंग प्रखंड के रिमी गांव की 15 वर्षीय पूजा कुमारी शामिल हैं। पलामू जिले में पांकी थाना क्षेत्र के उसकू गांव निवासी 63 वर्षीय चिंता कुंवर और पीपराटांड़ थाना क्षेत्र के गोंगो गांव निवासी 12 वर्षीय अनेश कुमार राम की ठनका गिरने से मौत हो गई।
पश्चिमी सिंहभूम के टोकलो स्थित तुरामडीह गांव में फुटबॉल मैच के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से दो खिलाड़ियों की मौके पर ही जान चली गई। मृतकों की पहचान 32 वर्षीय साहिल राज सामड और 25 वर्षीय पोंडेराम सामड के रूप में हुई है।
इसके अलावा कोडरमा के फुलवरिया गांव में 26 वर्षीय सोनी कुमारी, जामताड़ा के नारायणपुर क्षेत्र में 26 वर्षीय सनातन हांसदा, देवघर के सारवां प्रखंड में एक व्यक्ति तथा रांची के बेड़ो प्रखंड के टिकराटोली गांव निवासी किसान अब्दुल रऊफ की भी वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई।
वज्रपात की घटनाओं में कई लोग घायल भी हुए हैं। गिरिडीह में सात, देवघर में चार, गढ़वा में दो और रांची में एक व्यक्ति झुलस गया। सभी घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने के कारण झारखंड का मौसम तेजी से बदल रहा है। 28 जून से मॉनसून के पूरी तरह सक्रिय होने की संभावना है, जिससे बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। हालांकि इसके साथ वज्रपात का खतरा भी बना रहेगा। मौसम विभाग ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
