लंदन। टेनिस जगत के सबसे सम्मानित और जुझारू खिलाड़ियों में शुमार तीन बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन स्टेन वावरिंका का विंबलडन सफर मंगलवार को एक बेहद भावुक मोड़ पर समाप्त हो गया। 41 वर्षीय स्विस दिग्गज को पुरुष सिंगल्स के पहले दौर में इटली के मैटियो बेरेटिनी ने एक ऐतिहासिक और सांस रोक देने वाले मुकाबले में हरा दिया। हर सेट में टाईब्रेकर तक खिंचे इस मैच में बेरेटिनी ने वावरिंका को 6-7 (7), 7-6 (16), 7-6 (7), 7-6 (5) से शिकस्त देकर दूसरे दौर में प्रवेश किया।
करीब 4 घंटे और 20 मिनट तक चले इस मैराथन मुकाबले के अंत में जब वावरिंका कोर्ट से बाहर जाने लगे, तो ऑल इंग्लैंड क्लब के सेंटर कोर्ट पर मौजूद हजारों दर्शकों ने खड़े होकर (स्टैंडिंग ओवेशन) और तालियां बजाकर इस महान खिलाड़ी को विदाई दी। माना जा रहा है कि यह उनके करियर का आखिरी विंबलडन मुकाबला था।
साल 2026 के अंत में टेनिस को कहेंगे अलविदा
टेनिस फैंस के लिए यह पल बेहद भावुक करने वाला था क्योंकि वावरिंका ने पहले ही यह आधिकारिक घोषणा कर दी है कि वह 2026 सीजन के अंत में पेशेवर टेनिस से पूरी तरह संन्यास ले लेंगे। रैंकिंग कम होने के कारण इस साल उन्हें विंबलडन में ‘वाइल्ड कार्ड’ के जरिए मुख्य ड्रॉ में प्रवेश दिया गया था।
मैच के बाद रो पड़े वावरिंका, कहा- ‘दिल नहीं मानता पर शरीर…’
करियर के आखिरी विंबलडन मैच के बाद स्विस स्टार अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए। उन्होंने भावुक होते हुए कहा:
“जिस खेल से आपने अपनी जिंदगी के इतने साल बेहद शिद्दत से प्यार किया हो, उसे हमेशा के लिए अलविदा कहना कभी भी आसान नहीं होता। मेरा दिल अभी भी संन्यास नहीं लेना चाहता, लेकिन मैं अपने शरीर की सीमाओं को जानता हूं और मुझे पता है कि अब विदा लेने का सही समय आ गया है। इस कोर्ट पर जो प्यार मिला, उसे मैं कभी नहीं भूलूंगा।”
वावरिंका का शानदार करियर: जीत चुके हैं 3 ग्रैंड स्लैम
स्टेन वावरिंका ने टेनिस के उस दौर में अपनी पहचान बनाई और खिताब जीते जब रोजर फेडरर, राफेल नडाल और नोवाक जोकोविच जैसे ‘बिग थ्री’ का टेनिस पर एकछत्र राज था।
- ग्रैंड स्लैम सफर: उन्होंने साल 2014 में ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतकर अपने पहले ग्रैंड स्लैम का स्वाद चखा था।
- अन्य बड़ी जीत: इसके बाद उन्होंने अपने दमदार सिंगल-हैंडेड बैकहैंड के दम पर फ्रेंच ओपन और यूएस ओपन का खिताब भी अपने नाम किया।
- मौजूदा फॉर्म: इस साल ऑस्ट्रेलियन ओपन में उन्होंने तीसरे दौर तक का सफर तय किया था, हालांकि फ्रेंच ओपन में वे पहले ही दौर में बाहर हो गए थे।
अगले दौर में बेरेटिनी की भिड़ंत आर्थर फिल्स से
इस यादगार और ऐतिहासिक जीत के साथ ही 2021 विंबलडन के उपविजेता रहे इटली के मैटियो बेरेटिनी ने दूसरे दौर में सुरक्षित जगह बना ली है। वावरिंका जैसी दीवार को ढहाने के बाद अब दूसरे चक्र में उनका सामना फ्रांस के युवा और उभरते हुए खिलाड़ी आर्थर फिल्स से होगा।
