पूर्वी सिंहभूम। डीडी हत्याकांड और शहर में बिगड़ती कानून-व्यवस्था के विरोध में शुक्रवार को आयोजित जमशेदपुर बंद को विधायक सरयू राय ने पूरी तरह सफल और स्वतःस्फूर्त बताया। उन्होंने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि आम जनता का बंद था, जिसमें लोगों ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर अपराध के खिलाफ एकजुटता दिखाई।
जनता ने बिना दबाव के दिया समर्थन
शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में सरयू राय ने कहा कि लोगों ने उनके आह्वान को अपना आह्वान मानते हुए सहयोग किया। जिन मुद्दों को जनता के सामने रखा गया, उन्हें लोगों ने अपनी चिंता का विषय माना और इसी कारण बिना किसी दबाव के बाजार बंद रहे। उन्होंने बताया कि बंद के दौरान शहर की सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम आवाजाही रही।
उन्होंने कहा कि पूरे बंद के दौरान कहीं से भी किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। केवल बिष्टुपुर स्थित एलआईसी बिल्डिंग के पास कुछ समय के लिए बंद समर्थकों और पुलिस के बीच हल्की नोकझोंक हुई, जिसे शांतिपूर्ण ढंग से सुलझा लिया गया।
नई पुलिस टीम से जताई उम्मीद
सरयू राय ने कहा कि जमशेदपुर में लंबे समय से अपराध की संस्कृति विकसित हो गई है और आपराधिक तत्वों का मनोबल लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि अपराधियों में कानून का भय कम होता दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि शहर को नए वरीय पुलिस अधीक्षक मिले हैं और अब यह देखना होगा कि वे कानून-व्यवस्था को कैसे पटरी पर लाते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई पुलिस टीम अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई कर शहरवासियों में सुरक्षा का भरोसा बहाल करेगी।
बंद के दौरान मुकुल मिश्रा, विनोद सिंह, बाबू सिंह सरदार, नरेश बागती, रवि ठाकुर, विवेक पांडेय, राधेश्याम पांडेय, भगवती शरण तिवारी, सुधीर कुमार, रवि कुमार, सत्या दत्ता, सौरभ राम, वरुण प्रताप सिंह, शुभम दास, रोहित दास, ओम प्रकाश शर्मा, रवि यादव, गौतम धीवर, रिशु सिंह, सचिन तिवारी, जीतेंद्र पांडेय, अनिल तिवारी, अजय साव, ऋषिकेश पांडेय, विजेंद्र झा, गौरव पांडेय, गुड्डू पांडेय, संजय रजक, अंकित दास सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
