सुपौल। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को जिले में अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। सोमवार को उप विकास आयुक्त इंद्रवीर कुमार ने योजना की प्रगति की समीक्षा की। समीक्षा में सामने आया कि जिले में अब तक 10 हजार से अधिक लोगों ने योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया है। लोगों में बढ़ती रुचि को देखते हुए सरकार ने सोलर यूनिट लगाने पर मिलने वाली सब्सिडी की राशि में भी बढ़ोतरी की है।
समीक्षा के दौरान विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता आलोक कुमार ने बताया कि योजना के तहत मिलने वाली अधिकतम सब्सिडी को बढ़ाया गया है। पहले अधिकतम 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही थी, जिसे अब बढ़ाकर 98 हजार रुपये कर दिया गया है। इससे लोगों को घरों पर सोलर यूनिट लगाने में पहले की तुलना में अधिक आर्थिक सहायता मिलेगी।
1 से 3 किलोवाट तक बढ़ी सहायता राशि
कार्यपालक अभियंता ने बताया कि लोग अपनी बिजली की जरूरत के अनुसार छोटे या बड़े सोलर यूनिट स्थापित कर सकते हैं। योजना के तहत 1 किलोवाट क्षमता के सोलर यूनिट पर मिलने वाली सहायता राशि 30 हजार रुपये से बढ़ाकर 40 हजार रुपये कर दी गई है। वहीं 2 किलोवाट के यूनिट पर सहायता राशि 60 हजार रुपये से बढ़ाकर 80 हजार रुपये कर दी गई है। 3 किलोवाट और उससे अधिक क्षमता के सोलर यूनिट पर अधिकतम सहायता राशि 78 हजार रुपये से बढ़ाकर 98 हजार रुपये कर दी गई है।
किस्तों में ऋण की भी सुविधा
सब्सिडी बढ़ने से घरेलू उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा अपनाने में सुविधा मिलने की उम्मीद है। योजना के तहत सरकार की वित्तीय सहायता के अलावा सोलर यूनिट लगाने के लिए शेष राशि की व्यवस्था बैंकों से आसान किस्तों में ऋण लेकर भी की जा सकती है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए भी घर की छत पर सोलर सिस्टम लगाना आसान होगा।
उप विकास आयुक्त इंद्रवीर कुमार ने विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता को योजना का जिले में व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सब्सिडी में हुई बढ़ोतरी की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचनी चाहिए, ताकि ज्यादा से ज्यादा परिवार प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठा सकें।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि योजना के प्रति जिले के लोगों की रुचि लगातार बढ़ रही है। अब तक 10 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। प्रशासन की ओर से पात्रता, सब्सिडी और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए जागरूकता अभियान पर जोर दिया जा रहा है।



